दिनांक: 07/06/2026
रिपोर्ट by: संवादाता इस्तेकार चौधरी
दिल्ली के संस्थापक सम्राट अनंगपाल तोमर को सम्मान दिलाने के लिए पिलखुआ में जुटे समाज के प्रबुद्धजन।
पिलखुआ, हापुड़। जनपद हापुड़ के पिलखुआ क्षेत्र स्थित गांव लाखन के देवी मंदिर परिसर में सम्राट अनंगपाल सिंह तोमर फाउंडेशन के तत्वावधान में एक विशेष विचार गोष्ठी एवं बैठक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य दिल्ली के संस्थापक और ऐतिहासिक शासक सम्राट अनंगपाल सिंह तोमर के योगदान को उचित पहचान दिलाने तथा उन्हें इतिहास में उनका वास्तविक स्थान दिलाने के लिए समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर एकत्रित करना था।बैठक की अध्यक्षता सूरजपाल सिंह ने की, जबकि संचालन केंद्रीय श्रमिक शिक्षा बोर्ड क्षेत्रीय निदेशालय के निवर्तमान चेयरमैन ओमकार सिंह तोमर ने किया। कार्यक्रम में क्षेत्र के बुद्धिजीवियों, समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों और युवाओं ने बड़ी संख्या में भाग लेकर अपने विचार साझा किए।

गोष्ठी को संबोधित करते हुए ओमकार सिंह तोमर ने कहा कि सम्राट अनंगपाल सिंह तोमर केवल एक शासक नहीं बल्कि भारतीय इतिहास की महत्वपूर्ण विरासत हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली की स्थापना से जुड़े उनके योगदान को व्यापक स्तर पर पहचान दिलाना समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है। उन्होंने समाज से एकजुट होकर इस दिशा में प्रयास करने का आह्वान किया।कार्यक्रम में रवींद्र सिंह तोमर (कनकपुर) ने सम्राट अनंगपाल सिंह तोमर के सम्मान और ऐतिहासिक पहचान के लिए हर संभव प्रयास करने का संकल्प व्यक्त किया। वहीं शिवकुमार राघव सहित अन्य वक्ताओं ने भी इतिहास में उपेक्षित महान व्यक्तित्वों को उचित सम्मान दिलाने की आवश्यकता पर बल दिया।बैठक के दौरान वक्ताओं ने कहा कि सम्राट अनंगपाल सिंह तोमर भारतीय इतिहास के गौरवशाली अध्यायों में से एक हैं, लेकिन समय के साथ उनके योगदान को अपेक्षित महत्व नहीं मिल पाया। इसी विषय को लेकर फाउंडेशन की ओर से सरकार के समक्ष रखी जाने वाली विभिन्न मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। उपस्थित लोगों ने सुझाव दिया कि ऐतिहासिक तथ्यों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सामाजिक और शैक्षिक स्तर पर व्यापक अभियान चलाए जाने चाहिए।

वक्ताओं ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को अपने इतिहास और पूर्वजों के योगदान से परिचित कराना समय की आवश्यकता है। इसके लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर कार्य करना होगा ताकि सम्राट अनंगपाल सिंह तोमर के योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर उचित सम्मान मिल सके।गोष्ठी में रवींद्र सिंह तोमर, शिव कुमार राघव, सूरजपाल सिंह, सतपाल सिंह तोमर एडवोकेट, रवींद्र सिंह तोमर खेड़ा, सुरेश सिंह तोमर, धीरज कुमार, निशा तोमर, वीणा राघव, राजू प्रधान, रामकुमार, महेश प्रधान, हमसिंह प्रधान, मनोज कुमार, सतबीर प्रधान, पूरन तोमर, नितेंद्र प्रधान, सतपाल फौजी, बिजेंद्र सिंह, जगबीर सिंह, दिनेश तोमर, जीतो तोमर, रवि तोमर, आशु तोमर, नरदेव, हिमांशु सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।कार्यक्रम के अंत में समाज के लोगों ने एक स्वर में सम्राट अनंगपाल सिंह तोमर के सम्मान और उनके ऐतिहासिक योगदान को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए संगठित प्रयास जारी रखने का संकल्प लिया।



स्टार भारत न्यूज़ 24 की रिपोर्ट।



