दिनांक:13/07/2026
रिपोर्ट by: संवादाता इस्तेकार चौधरी
विश्व जनसंख्या दिवस पर सिम्स हापुड़ में स्वास्थ्य जागरूकता अभियान, परिवार नियोजन और युवा सशक्तिकरण पर दिया गया विशेष जोर।
हापुड़। विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SIMS), हापुड़ के सामुदायिक चिकित्सा विभाग की ओर से अस्पताल के ओपीडी परिसर में व्यापक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन को परिवार नियोजन, प्रजनन स्वास्थ्य, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, जिम्मेदार अभिभावकत्व तथा जनसंख्या स्थिरीकरण के महत्व के प्रति जागरूक करना रहा।कार्यक्रम के दौरान चिकित्सकों, संकाय सदस्यों, एमबीबीएस विद्यार्थियों, मरीजों और उनके परिजनों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। ओपीडी परिसर में स्वास्थ्य शिक्षा को केंद्र में रखते हुए पोस्टर प्रदर्शनी, जागरूकता व्याख्यान, परामर्श सत्र और संवादात्मक चर्चाओं का आयोजन किया गया। विशेषज्ञों ने परिवार नियोजन के सुरक्षित उपायों, उचित जन्म अंतराल, किशोर स्वास्थ्य, मातृ एवं शिशु देखभाल, पोषण, लैंगिक समानता तथा सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं की विस्तृत जानकारी साझा की।

इस वर्ष विश्व जनसंख्या दिवस की वैश्विक थीम “आज और भविष्य के लिए युवाओं की आशाओं एवं आकांक्षाओं को साकार करना” रही। इसी विषय को केंद्र में रखते हुए कार्यक्रम में युवाओं को सही स्वास्थ्य जानकारी, जिम्मेदार जीवनशैली और जागरूक निर्णय लेने के लिए प्रेरित किया गया।कार्यक्रम का संचालन सामुदायिक चिकित्सा विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. (ब्रिगेडियर) विनीत रस्तोगी के मार्गदर्शन में हुआ। उनके साथ डॉ. वंदना कश्यप और डॉ. अरशद हुसैन ने स्वास्थ्य शिक्षा गतिविधियों का संचालन करते हुए प्रतिभागियों को वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर परिवार नियोजन और जनस्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी।कार्यक्रम की विशेष उपलब्धि एमबीबीएस 2023 बैच के विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी रही। विद्यार्थियों ने पोस्टर प्रस्तुतियों, व्यक्तिगत स्वास्थ्य परामर्श और जागरूकता संवाद के माध्यम से मरीजों एवं उनके परिजनों को प्रजनन स्वास्थ्य, सुरक्षित मातृत्व, जिम्मेदार पारिवारिक जीवन और शिशु स्वास्थ्य से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को चिकित्सकीय शिक्षा के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने का भी अवसर मिला।

विशेषज्ञों ने बताया कि स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए स्वैच्छिक एवं सूचित परिवार नियोजन, समय पर स्वास्थ्य सेवाओं का उपयोग, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य की देखभाल, किशोर स्वास्थ्य जागरूकता और पोषण जैसे विषय अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। कार्यक्रम में प्रतिभागियों को सरकार द्वारा संचालित परिवार कल्याण और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की जानकारी भी उपलब्ध कराई गई।इस अवसर पर सरस्वती ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स के संस्थापक एवं अध्यक्ष डॉ. जे. रामचन्द्रन ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं और जिम्मेदार प्रजनन संबंधी निर्णय ही सतत विकास की मजबूत आधारशिला हैं। उन्होंने युवाओं को सही जानकारी और अवसर उपलब्ध कराने पर बल देते हुए कहा कि स्वस्थ परिवार और जागरूक समाज मिलकर विकसित राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

संस्थान की उपाध्यक्ष श्रीमती रम्या रामचन्द्रेन ने कहा कि महिला सशक्तिकरण, युवा विकास, निवारक स्वास्थ्य सेवाओं और सामुदायिक कल्याण के क्षेत्र में संस्थान लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम समाज में जिम्मेदार नागरिक तैयार करने और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।कार्यक्रम का आयोजन संस्थान की प्राचार्य डॉ. बरखा गुप्ता, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मेजर जनरल सी. एस. आहलूवालिया, वरिष्ठ सलाहकार ब्रिगेडियर डॉ. आर. के. सहगल, निदेशक श्री रघुवर दत्त तथा महाप्रबंधक श्री एन. वर्धराजन के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।कार्यक्रम में शामिल मरीजों और उनके परिजनों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें परिवार नियोजन, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं तथा प्रजनन स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त हुईं, जो उनके परिवार के लिए उपयोगी साबित होंगी।

सामुदायिक चिकित्सा विभाग के विशेषज्ञों का कहना है कि समुदाय स्तर पर स्वास्थ्य जागरूकता अभियान बेहतर जनस्वास्थ्य परिणाम प्राप्त करने का प्रभावी माध्यम हैं। जागरूक नागरिक ही अपने और अपने परिवार के स्वास्थ्य से जुड़े सही निर्णय लेकर संतुलित जनसंख्या विकास और स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान दे सकते हैं।सिम्स हापुड़ ने इस अवसर पर स्वस्थ परिवार, युवा सशक्तिकरण, जिम्मेदार अभिभावकत्व, लैंगिक समानता, जागरूक प्रजनन निर्णय और सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए भविष्य में भी ऐसे जनजागरूकता कार्यक्रम, स्वास्थ्य शिविर और सामुदायिक स्वास्थ्य अभियानों का नियमित आयोजन जारी रखने की बात कही।




