दिनांक:10/08/2026
रिपोर्ट by: संवादाता आमिर खान
काम के साथ सेवा का जज्बा: हापुड़ में शिव कांवड़ सेवा दास समिति का 14वां विशाल भंडारा, बिजली घर का स्टाफ भी बना शिवभक्तों की सेवा का हिस्सा।
हापुड़। सावन के पावन महीने में कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों की सेवा के लिए जगह-जगह भंडारे और सेवा शिविर लगाए जा रहे हैं। इसी क्रम में हापुड़ के दिल्ली रोड स्थित बिजली घर पर शिव कांवड़ सेवा दास समिति द्वारा वर्ष 2026 में 14वें विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे में दूर-दराज से कांवड़ लेकर गुजर रहे शिवभक्तों के लिए भोजन, जलपान और आवश्यक सेवा की व्यवस्था की गई।इस सेवा आयोजन की खास बात यह रही कि शिव कांवड़ सेवा दास समिति के सदस्यों के साथ-साथ बिजली घर का स्टाफ भी अपनी नियमित ड्यूटी निभाने के साथ शिवभक्तों की सेवा में जुटा नजर आया। कर्मचारियों ने अपने काम की जिम्मेदारियों के बीच समय निकालकर कांवड़ियों को भोजन कराने और उनकी आवश्यकताओं का ध्यान रखने में सहयोग किया।

भंडारे के दौरान माहौल पूरी तरह भक्तिमय दिखाई दिया। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों के बीच शिवभक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। सेवा में जुटे लोगों का उत्साह भी देखते ही बन रहा था। किसी के हाथ में भोजन परोसने की जिम्मेदारी थी तो कोई पानी और अन्य व्यवस्थाओं में सहयोग करता दिखाई दिया।बिजली घर के जय इंदल यादव से जब इस सेवा को लेकर बातचीत की गई तो उन्होंने इसे अपने लिए सौभाग्य का अवसर बताया। उनका कहना था कि ड्यूटी के साथ-साथ शिवभक्तों की सेवा करने का मौका मिलना उनके लिए गर्व और सौभाग्य की बात है। उन्होंने बताया कि बिजली घर का पूरा स्टाफ अपनी जिम्मेदारी निभाने के साथ इस धार्मिक सेवा में भी सहयोग कर रहा है।दरअसल, कांवड़ यात्रा केवल आस्था और धार्मिक भावना का पर्व नहीं, बल्कि सेवा, सहयोग और भाईचारे की भावना को भी मजबूत करने का अवसर है। रास्ते में कांवड़ियों के लिए लगाए जाने वाले सेवा शिविर इसी भावना को आगे बढ़ाते हैं। हापुड़ में आयोजित यह विशाल भंडारा भी इसी सेवा परंपरा की एक मिसाल बनकर सामने आया, जहां समिति के सदस्यों के साथ सरकारी ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों ने भी मानव सेवा को प्राथमिकता देते हुए शिवभक्तों का स्वागत किया।

शिव कांवड़ सेवा दास समिति का यह 14वां विशाल भंडारा श्रद्धा के साथ-साथ सामाजिक सहभागिता का भी संदेश देता नजर आया। आयोजन से जुड़े लोगों का प्रयास रहा कि कांवड़ लेकर गुजरने वाले किसी भी शिवभक्त को भोजन और पानी के लिए परेशानी न हो। वहीं बिजली घर के स्टाफ की भागीदारी ने इस सेवा कार्य को और विशेष बना दिया।कुल मिलाकर, हापुड़ के दिल्ली रोड स्थित बिजली घर पर आयोजित यह भंडारा आस्था, सेवा और कर्तव्य के संगम की तस्वीर पेश करता नजर आया। एक तरफ कर्मचारी अपनी ड्यूटी में जुटे रहे, तो दूसरी तरफ उसी जिम्मेदारी के बीच शिवभक्तों की सेवा में भी योगदान देते रहे। यही भावना कांवड़ यात्रा को केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि इंसानियत और सेवा का पर्व भी बनाती है।हर-हर महादेव के जयघोष के साथ शिवभक्त आगे बढ़ते रहे और सेवा में जुटे लोगों के चेहरे पर संतोष साफ दिखाई दिया।







