धौलाना क्षेत्र के जर्जर प्राथमिक विद्यालयों की बदहाल स्थिति को लेकर सीएम चौहान ने सौंपा ज्ञापन, मूलभूत सुविधाएं दुरुस्त कराने की मांग।

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दिनांक:03/09/2026

रिपोर्ट by: संवादाता शराफत सैफी

धौलाना क्षेत्र के जर्जर प्राथमिक विद्यालयों की बदहाल स्थिति को लेकर सीएम चौहान ने सौंपा ज्ञापन, मूलभूत सुविधाएं दुरुस्त कराने की मांग।

हापुड़। जनपद हापुड़ के धौलाना विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में स्थित प्राथमिक विद्यालयों की जर्जर एवं अव्यवस्थित स्थिति को लेकर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर विद्यालयों में आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने और मरम्मत कार्य कराने की मांग की गई। ज्ञापन में कमालपुर, नया गांव, इकलैड़ी, पारपा, दहरा, मसौता, भोवापुर, सिखेड़ा, खैरपुर और अचपलगढ़ी सहित अन्य गांवों के प्राथमिक विद्यालयों की स्थिति का स्थलीय निरीक्षण कराने की मांग प्रमुखता से रखी गई।ज्ञापन देने वालों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के इन विद्यालयों में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण करते हैं। विद्यालय भवनों की स्थिति, शौचालय, पेयजल, फर्नीचर, बिजली, साफ-सफाई और विद्यालय परिसर की व्यवस्थाओं से संबंधित समस्याओं का समय रहते समाधान किया जाना आवश्यक है, ताकि बच्चों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।

सीएम चौहान ने कहा—बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा व्यवस्था से समझौता नहीं होना चाहिए।

ज्ञापन देने के दौरान सीएम चौहान ने कहा कि सरकारी विद्यालय ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों की शिक्षा का महत्वपूर्ण आधार हैं। यदि किसी विद्यालय में भवन जर्जर है या बच्चों को मूलभूत सुविधाओं के अभाव में परेशानी उठानी पड़ रही है, तो संबंधित अधिकारियों को मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करना चाहिए।उन्होंने कहा कि बच्चों के बैठने के लिए पर्याप्त फर्नीचर, सुरक्षित शौचालय, स्वच्छ पेयजल, बिजली, पंखे, प्रकाश व्यवस्था और साफ-सफाई जैसी सुविधाएं विद्यालयों में सुनिश्चित होना जरूरी है। विद्यालय भवन की स्थिति यदि कहीं खराब है तो उसकी जांच कराकर नियमानुसार मरम्मत अथवा आवश्यक निर्माण कार्य कराया जाना चाहिए।सीएम चौहान ने यह भी कहा कि मिशन कायाकल्प के तहत विद्यालयों के विकास के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली धनराशि का निर्धारित नियमों के अनुसार सदुपयोग होना चाहिए। संबंधित विद्यालयों की जरूरतों का आकलन कर प्राथमिकता के आधार पर कार्ययोजना तैयार की जाए और आवश्यक कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कराया जाए।

उन्होंने उम्मीद जताई कि ज्ञापन में उठाई गई समस्याओं का संबंधित विभाग द्वारा संज्ञान लेकर विद्यालयों की वास्तविक स्थिति की जांच कराई जाएगी और आवश्यकतानुसार सुधार कार्य कराए जाएंगे।

इन व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराने की मांग

ज्ञापन के माध्यम से विद्यालय भवनों का स्थलीय निरीक्षण कराने, जर्जर हिस्सों की मरम्मत कराने, सुरक्षित शौचालय उपलब्ध कराने और बच्चों के लिए पर्याप्त डेस्क-बेंच एवं फर्नीचर की व्यवस्था कराने की मांग की गई।इसके साथ ही विद्यालयों में स्वच्छ पेयजल, बिजली, पंखे और प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त कराने तथा विद्यालय परिसर और बच्चों के आवागमन वाले स्थानों पर आवश्यकता के अनुसार सड़क, फर्श या इंटरलॉकिंग कार्य कराने की मांग रखी गई।विद्यालय परिसरों की साफ-सफाई के साथ आवश्यकता वाले विद्यालयों में चारदीवारी और गेट की व्यवस्था कराने तथा मिड-डे मील के लिए जरूरी सुविधाओं एवं स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि मिशन कायाकल्प के अंतर्गत विद्यालयों के विकास के लिए उपलब्ध धनराशि का नियमानुसार उपयोग सुनिश्चित कराया जाए और प्रत्येक विद्यालय की वर्तमान स्थिति का निरीक्षण कर आवश्यक कार्यों की समयबद्ध कार्ययोजना तैयार की जाए।

ज्ञापन देने वालों में ये रहे मौजूद

ज्ञापन देने वालों में सीएम चौहान, जिला प्रभारी डॉ. नरेंद्र सोलंकी, जिला संगठन मंत्री उदयवीर शर्मा, पूर्व जिला अध्यक्ष जोगिंदर दास, ओबीसी प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष पंकज सैनी, शकील अहमद, इमरान खान, राजीव शर्मा, बुद्ध प्रकाश, एडवोकेट अरुण शर्मा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।ज्ञापनकर्ताओं ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से मांग की कि संबंधित विद्यालयों का शीघ्र स्थलीय निरीक्षण कराया जाए और जहां भी भवन, शौचालय, पेयजल, फर्नीचर, बिजली, स्वच्छता अथवा अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी है, वहां नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई कराई जाए।उनका कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को बेहतर शिक्षा के साथ सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना सामूहिक जिम्मेदारी है। ऐसे में विद्यालयों की जमीनी स्थिति की जांच कर आवश्यक सुधार कार्य जल्द शुरू कराए जाने की जरूरत है।

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