दिनांक:15/04/2026
रिपोर्ट by: संवादाता शराफत सैफी
अल्प समय में बड़ी उड़ान: तीन सत्रों में जे.एम.एस. वर्ल्ड स्कूल ने रचा सफलता का नया इतिहास।
हापुड़। शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से उभरते हुए जे.एम.एस. वर्ल्ड स्कूल ने एक बार फिर अपने उत्कृष्ट शैक्षणिक परिणामों के दम पर क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान दर्ज कराई है। सीबीएसई परीक्षा परिणामों में शानदार प्रदर्शन करते हुए विद्यालय ने यह साबित कर दिया कि सीमित संसाधनों और कम संख्या के बावजूद यदि संकल्प मजबूत हो और मार्गदर्शन सही मिले, तो सफलता निश्चित है।

इस वर्ष मात्र 53 विद्यार्थियों के बैच ने उल्लेखनीय प्रदर्शन कर विद्यालय का नाम रोशन किया। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि विद्यालय ने केवल तीन शैक्षणिक सत्रों के भीतर ही शून्य से शिखर तक का सफर तय करते हुए शिक्षा जगत में अपनी अलग पहचान बना ली है। लगातार बेहतर परिणाम इस बात का प्रमाण हैं कि विद्यालय की शिक्षण पद्धति प्रभावी है और प्रत्येक छात्र पर व्यक्तिगत ध्यान दिया जाता है।परिणामों की बात करें तो जसलीन कौर ने 93.2 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय में प्रथम स्थान हासिल किया। उनके साथ कानन बहल ने 92.8 प्रतिशत और राधा त्यागी ने 90 प्रतिशत अंक प्राप्त कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इसके अलावा गरिमा सिंह (88 प्रतिशत), काकुल कसाना (87.4 प्रतिशत), रबजोत कौर (85.6 प्रतिशत) और मोहम्मद सुभान इदरीसी (85.2 प्रतिशत) ने भी शानदार अंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।

विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. निधि मलिक ने इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह परिणाम विद्यालय के शिक्षकों और विद्यार्थियों की मेहनत का प्रतिफल है। उन्होंने बताया कि स्कूल में केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रहकर विद्यार्थियों के समग्र विकास और कौशल आधारित शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाता है।वहीं, प्रबंध निदेशक डॉ. आयुष सिंघल और सचिव डॉ. रोहन सिंघल ने इस उपलब्धि को विद्यालय के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव बताते हुए कहा कि जे.एम.एस. परिवार भविष्य में भी शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। समन्वयक पुष्पेंद्र सिंह ने इस अवसर पर सभी शिक्षकों और अभिभावकों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

कुल मिलाकर, जे.एम.एस. वर्ल्ड स्कूल ने अल्प समय में जिस तरह से सफलता की नई इबारत लिखी है, वह न केवल क्षेत्र के अन्य शिक्षण संस्थानों के लिए प्रेरणा है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि सही दिशा, समर्पण और गुणवत्ता के साथ शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।




