Hapur News: थाने का घेराव कर परिजनों ने किया हंगामा, हापुड़ में हमले में घायल किसान की इलाज के दौरान मौत

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हापुड़: जमीनी विवाद के चलते जानलेवा हमले में घायल हुए थाना बाबूगढ़ क्षेत्र के गांव गोहरा-आलमगीरपुर के किसान की रविवार शाम अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। आक्रोशित स्वजन रात के वक्त शव लेकर थाने पहुंचे। किसान की हत्या का आरोप लगा स्वजन ने थाने का घेराव कर तीन घंटे तक हंगामा किया।
शनिवार को पुलिस ने मामले किसान के बड़े भाई व तीन भतीजों के खिलाफ जानलेवा हमला व छेड़छाड़ की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। आरोपितों को हिरासत में लिया था। मगर, मिलीभगत के बाद थाने से छोड़ दिया गया। हंगामे की सूचना पर पर सीओ सिटी समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। सीओ ने आरोपितों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी आश्वासन देकर स्वजन को शांत कराया। जिसके बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया है। 

आरोपितों ने पिता के साथ गाली गलौज कर अभद्रता की

गांव गोहरा आलमगीरपुर की मीनू ने शनिवार को थाने में तहरीर दी थी। जिसमें उसने बताया था कि शनिवार सुबह उसके पिता राजकुमार खेत पर काम करने के लिए गए थे। इस दौरान पिता के बड़े भाई अशोक अपने पुत्र अरविंद, रवि व अमित उर्फ अंजे के साथ खेत पर पहुंच गए। जमीनी विवाद को लेकर आरोपितों ने पिता के साथ गाली गलौज कर अभद्रता कर दी। विरोध पर पिता पर लाठी-डंडों व तमंचे से हमला कर दिया। विवाद की जानकारी वह खेत पर पहुंची और पिता को बचाने का प्रयास किया। इस पर आरोपितों ने उसके साथ मारपीट कर छेड़छाड़ कर दी। 

आरोपितों ने उसे गाड़ी में खींचने का प्रयास किया

आरोपितों ने उसका मोबाइल फोन छीन लिया और उसे गाड़ी में खींचने का प्रयास किया था। हमले के दौरान पिता के दो दांत टूट गए थे। मामले पुलिस ने मामले में चारों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। हमले में घायल पिता को हापुड़ के गढ़ रोड स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। रविवार को हालत बिगड़ने पर चिकित्सकों ने उन्हें मेरठ के लिए रेफर कर दिया। अस्पताल में पहुंचने पर पिता की मौत हो गई। चिकित्सकों ने पिता को मृत घोषित कर दिया। 

सीने पर मारे गए थे घूंसे, हृदय रोगी थे किसान

किसान का शव लेकर स्वजन रविवार रात थाने पर पहुंचे। थाने का घेराव कर स्वजन ने हंगामा कर दिया। सूचना पर सीओ सिटी जितेंद्र शर्मा थाना सिंभावली, हाफिजपुर व नगर कोतवाली पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। किसी तरह स्वजन को शांत कराया। स्वजन ने सीओ को बताया कि किसान राजकुमार हृदय रोगी थे। आरोपितों ने लगातार उनके सीने पर घूंसों से वार किया। जिसके कारण उनकी मौत हो गई। मामले में मुकदमा दर्ज किए जाने के बाद पुलिस ने आरोपितों को पकड़ लिया था। कुछ देर बाद आरोपित पक्ष के लोगों से साज कर पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया। चौकी प्रभारी व थानेदार पर उन्होंने गंभीर आरोप लगाए हैं। 

आरोपितों ने किसान के शरीर पर किया था पेशाब

किसान के साले अजय पाल ने बताया कि आरोपितों ने उसके जीजा को बेरहमी से पीटा था। कुछ दिन पहले ही जीजा के हार्ट का आपरेशन हुआ था। सीने में घूसे मारे जाने पर जीजा की हालत बिगड़ गई थी। उन्होंने आरोपितों से पानी पिलाने के लिए कहा था। मगर, आरोपितों ने पानी पिलाने के बजाए जीजा के शरीर पर पेशाब कर दिया था। इसकी जानकारी घटना के वक्त मौके पर मौजूद उनकी भांजी ने दी थी। 

परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल

अजय पाल ने बताया कि उसकी बहन सुमन की कोरोना काल दौरान मौत हो गई थी। जीजा राजकुमार अपने पुत्र आदित्य, पुत्री रश्मि और मीनू के साथ रह रहा था। जीजा ने अपनी पुत्री काजल व शालू की शादी कर दी थी। जीजा की मौत पर उनके बच्चों का रो-रोकर किसान की मौत पर उनकी पत्नी व बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। 

शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मुकदमे में संबंधित धाराएं बढ़ाई जाएंगी। जल्द से जल्द आरोपितों को गिरफ्तार किया जाएगा। – ज्ञानंजय सिंह, एसपी

NEWS SOURCE Credit : jagran

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