ब्रेकिंग न्यूज़ | हापुड़ के बुलंदशहर रोड बाईपास पर अवैध प्लाटिंग का खेल जारी, एचपीडीए अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल।

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दिनांक:24/05/2026

हापुड़ से जिला ब्यूरो रिपोर्ट

ब्रेकिंग न्यूज़ | हापुड़ के बुलंदशहर रोड बाईपास पर अवैध प्लाटिंग का खेल जारी, एचपीडीए अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल।

उत्तर प्रदेश के जनपद में अवैध प्लाटिंग और कॉलोनियों का कारोबार लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा मामला हापुड़ के बुलंदशहर रोड बाईपास क्षेत्र का है, जहां बड़े स्तर पर कृषि भूमि पर अवैध रूप से प्लॉट काटे जाने और कॉलोनियां बसाने का खेल जारी है। आरोप है कि बिना मानचित्र स्वीकृति और बिना आवश्यक अनुमति के जमीनों को छोटे-छोटे प्लॉट में बदलकर खुलेआम बिक्री की जा रही है, लेकिन संबंधित विभाग की ओर से सख्त कार्रवाई देखने को नहीं मिल रही।सूत्रों के मुताबिक बुलंदशहर रोड बाईपास के आसपास कई स्थानों पर तेजी से प्लाटिंग का कार्य चल रहा है। खेतों को कॉलोनियों में बदला जा रहा है और नियमों को दरकिनार कर निर्माण गतिविधियां लगातार जारी हैं। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर जिम्मेदार विभाग की नजर इन अवैध गतिविधियों पर क्यों नहीं पड़ रही, या फिर जानबूझकर अनदेखी की जा रही है।

बताया जा रहा है कि कई लोग अच्छी लोकेशन और सस्ते दाम के लालच में आकर ऐसे कॉलोनाइजर्स से प्लॉट और जमीन खरीद लेते हैं। शुरुआत में उन्हें यह सौदा फायदे का लगता है, लेकिन बाद में यही जमीन और निर्माण उनके लिए बड़ी परेशानी बन जाते हैं। जब विभागीय कार्रवाई शुरू होती है और एचपीडीए की टीम बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंचती है, तब लोगों को पता चलता है कि जिस जमीन पर उन्होंने अपनी मेहनत की कमाई लगाई थी, वह पूरी तरह अवैध थी। ऐसे मामलों में सबसे ज्यादा नुकसान आम खरीदारों को उठाना पड़ता है।प्रदेश की सरकार लगातार भू-माफियाओं और अवैध निर्माण पर कार्रवाई के निर्देश देती रही है, लेकिन हापुड़ में चल रही अवैध प्लाटिंग प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है।

आरोप लगाए जा रहे हैं कि विभागीय ढिलाई और अधिकारियों की नरमी के कारण अवैध कॉलोनाइजरों के हौसले बुलंद हैं और सरकारी नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।यदि समय रहते इस अवैध प्लाटिंग पर सख्ती नहीं हुई तो आने वाले समय में अवैध कॉलोनियों का जाल और तेजी से फैल सकता है। अब निगाहें जिला प्रशासन और एचपीडीए की कार्रवाई पर टिकी हैं कि आखिर इन अवैध कॉलोनियों पर कब तक शिकंजा कसा जाएगा।

स्टार भारत न्यूज़ 24 की रिपोर्ट।

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