दिनांक:24/07/2026
हापुड़ से ब्यूरो रिपोर्ट
72 घंटे से अधिक समय तक घरों में रोके जाने के विरोध में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने एसपी से की मुलाकात।
हापुड़। जंतर-मंतर पर प्रस्तावित कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस पदाधिकारियों को कथित रूप से 72 घंटे से अधिक समय तक घरों में रोके जाने के मामले को लेकर शुक्रवार को जिला कांग्रेस कमेटी का एक प्रतिनिधिमंडल पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञानंजय सिंह से मिला। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष राकेश त्यागी ने किया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने पूरे घटनाक्रम पर अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए मामले की निष्पक्ष समीक्षा की मांग उठाई।जिलाध्यक्ष राकेश त्यागी ने पुलिस अधीक्षक को अवगत कराया कि जंतर-मंतर पर प्रस्तावित कार्यक्रम से पहले उन्हें तथा पार्टी के अन्य पदाधिकारियों को कई दिनों तक घरों से बाहर नहीं निकलने दिया गया। उनका कहना था कि इस कारण पार्टी की सामान्य राजनीतिक एवं संगठनात्मक गतिविधियां प्रभावित हुईं। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखना प्रत्येक नागरिक और राजनीतिक दल का अधिकार है तथा इस प्रकार की कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं मानी जा सकती।

प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक से आग्रह किया कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष समीक्षा कराई जाए और भविष्य में ऐसी परिस्थितियां उत्पन्न न हों, इसके लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवाद और कानून के दायरे में राजनीतिक गतिविधियों के लिए अनुकूल वातावरण बनाए रखना आवश्यक है।पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञानंजय सिंह ने प्रतिनिधिमंडल की बात गंभीरता से सुनी तथा पूरे मामले की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रस्तुत तथ्यों का नियमानुसार परीक्षण कराया जाएगा और आवश्यकतानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी मुलाकात के बाद कांग्रेस नेताओं ने कहा कि उन्होंने अपनी आपत्ति और मांगों को पुलिस प्रशासन के समक्ष औपचारिक रूप से रख दिया है। उनका कहना था कि यदि उनकी शिकायत पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं होती है तो पार्टी संगठन आगे की रणनीति पर विचार करेगा और लोकतांत्रिक तरीके से अपना पक्ष रखेगा।

इस दौरान कांग्रेस के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता भी प्रतिनिधिमंडल के साथ मौजूद रहे। बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई, जिसमें कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने अपना पक्ष रखा और पुलिस प्रशासन ने मामले को नियमानुसार देखने का भरोसा दिया।







