दिनांक:24/07/2026
रिपोर्ट by: संवादाता इस्तेकार चौधरी
जी.एस. विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय ‘आरोहण’ कार्यक्रम का शुभारंभ, विकसित भारत-2047 के संकल्प के साथ भावी चिकित्सकों को मिला सेवा और नेतृत्व का संदेश।
पिलखुवा (हापुड़)। जनपद हापुड़ के पिलखुवा स्थित जी.एस. विश्वविद्यालय में विश्व हिन्दू परिषद के सहयोग से आयोजित तीन दिवसीय ‘आरोहण’ कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक सरस्वती वंदना एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य चिकित्सा शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, व्यक्तित्व विकास, सामाजिक दायित्व और राष्ट्र निर्माण के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना है।कार्यक्रम में क्षेत्र के विभिन्न मेडिकल संस्थानों से एमबीबीएस, बीडीएस एवं बीएएमएस के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में प्रतिभागियों को चिकित्सा सेवा, भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों, नेतृत्व कौशल, व्यक्तित्व विकास और राष्ट्रहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन दिया जाएगा। साथ ही संवाद सत्रों और प्रेरक व्याख्यानों के माध्यम से विद्यार्थियों को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का अवसर भी मिलेगा।

आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के राष्ट्रीय संकल्प में चिकित्सा क्षेत्र की भूमिका को रेखांकित करना है। इसके साथ ही भावी चिकित्सकों को यह संदेश देना भी है कि उनका दायित्व केवल मरीजों का उपचार करना ही नहीं, बल्कि समाज में स्वास्थ्य जागरूकता, मानव सेवा और नैतिक मूल्यों को भी मजबूत करना है।उद्घाटन सत्र के दौरान उपस्थित वक्ताओं ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि चिकित्सा का क्षेत्र केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का सर्वोच्च अवसर है। एक चिकित्सक अपने ज्ञान, संवेदनशीलता और समर्पण के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अपने पेशे को सेवा भावना, ईमानदारी और सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ अपनाएं तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।

कार्यक्रम में विश्व हिन्दू परिषद के प्रांत संगठन मंत्री अरुण पांचजन्य के मार्गदर्शन का उल्लेख किया गया। उद्घाटन अवसर पर क्षेत्रीय प्रचारक महेंद्र जी, जी.एस. विश्वविद्यालय के चांसलर गंगा सरन शर्मा, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट शशि शर्मा, वाइस चांसलर डॉ. यतीश अग्रवाल, प्रो चांसलर डॉ. अंकित शर्मा, यज्ञदत्त शर्मा आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज से डॉ. सुधांशु यज्ञदत्त शर्मा तथा के.डी. मेडिकल कॉलेज, मथुरा के डॉ. गौरव सहित विश्वविद्यालय एवं विभिन्न शिक्षण संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी, संकाय सदस्य और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।आयोजन के पहले दिन विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। प्रतिभागियों ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम उन्हें केवल अकादमिक ज्ञान तक सीमित नहीं रखते, बल्कि जीवन मूल्यों, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक सरोकारों को समझने का भी अवसर प्रदान करते हैं। आयोजकों का कहना है कि आगामी दो दिनों में विभिन्न विशेषज्ञों के व्याख्यान, समूह चर्चा और प्रेरक सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनके माध्यम से विद्यार्थियों को चिकित्सा सेवा के साथ-साथ राष्ट्र और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का व्यापक दृष्टिकोण प्राप्त होगा।






