दिनांक: 24/05/2026
हापुड़ ब्यूरो रिपोर्ट
हापुड़ पिलखुवा जहरीले धुएं से घुट रहा सिखेड़ा गांव, फैक्ट्रियों के प्रदूषण से ग्रामीण बेहाल।
उत्तर प्रदेश के Hapur जनपद के Pilkhuwa थाना क्षेत्र के गांव सिखेड़ा में प्रदूषण को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। गांव के पास बम्बे रास्ते की ओर संचालित फैक्ट्रियों की चिमनियों से निकलने वाला काला और जहरीला धुआं अब ग्रामीणों के लिए बड़ी मुसीबत बन चुका है। पछुआ हवा चलने के कारण यह धुआं सीधे गांव के अंदर पहुंच रहा है, जिससे लोगों का सांस लेना तक मुश्किल हो गया है।ग्रामीणों का आरोप है कि जैसे ही फैक्ट्रियों की चिमनियां चालू होती हैं, पूरे गांव में बदबू फैल जाती है और वातावरण दूषित हो जाता है। सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को हो रही है। लोगों का कहना है कि लगातार जहरीले धुएं के संपर्क में आने से खांसी, आंखों में जलन, गले में संक्रमण और सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुछ फैक्ट्रियां नियमों को ताक पर रखकर खुलेआम प्रदूषण फैला रही हैं, लेकिन संबंधित विभाग और प्रशासन इस गंभीर मामले को नजरअंदाज कर रहे हैं। गांव वालों का कहना है कि यदि समय रहते प्रदूषण पर नियंत्रण नहीं किया गया तो आने वाले समय में कैंसर और फेफड़ों से जुड़ी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।गांव के लोगों ने प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण विभाग से मांग की है कि प्रदूषण फैलाने वाली फैक्ट्रियों की जांच कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही गांव को जहरीले धुएं और दूषित वातावरण से राहत दिलाने के लिए तत्काल प्रभाव से ठोस कदम उठाए जाएं।अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर प्रशासन ग्रामीणों की इस गंभीर समस्या को कब तक नजरअंदाज करता रहेगा, या फिर गांववासियों को इसी जहरीले माहौल में जिंदगी गुजारने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।



स्टार भारत न्यूज़ 24 की रिपोर्ट।




