दिनांक:12/07/2026
भौमवती अमावस्या 2026: 14 जुलाई को क्या करें, क्या दान करें? ज्योतिषाचार्य ने बताए पितृ कृपा और सुख-समृद्धि के विशेष उपाय।
हापुड़। आषाढ़ कृष्ण पक्ष की अमावस्या इस वर्ष 14 जुलाई 2026, मंगलवार को पड़ रही है। मंगलवार के दिन आने के कारण इसे भौमवती अमावस्या कहा जाता है, जिसे सनातन परंपरा में विशेष धार्मिक महत्व प्राप्त है। इस दिन पितरों के निमित्त तर्पण, पवित्र स्नान, दान-पुण्य और पूजा-अर्चना का विशेष फल बताया गया है।ज्योतिर्विद पंडित सुबोध पाण्डेय के अनुसार, पंचांग के अनुसार अमावस्या तिथि 13 जुलाई, सोमवार को सायं 6:50 बजे प्रारंभ होगी और 14 जुलाई, मंगलवार को दोपहर 3:13 बजे तक रहेगी। चूंकि उदय तिथि मंगलवार को प्राप्त हो रही है, इसलिए इसे भौमवती अमावस्या के रूप में मनाया जाएगा।उन्होंने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन पवित्र नदी में स्नान, पितरों का तर्पण, भगवान विष्णु एवं शिव की आराधना तथा जरूरतमंद लोगों को श्रद्धापूर्वक दान करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। मान्यता है कि इससे पितृ दोष की शांति होती है और पूर्वजों का आशीर्वाद परिवार पर बना रहता है।ज्योतिषाचार्य ने बताया कि भौमवती अमावस्या पर दान को केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि सेवा, करुणा और आत्मशुद्धि का माध्यम भी माना गया है। इस दिन किए गए सत्कर्म व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और रुके हुए कार्यों में गति आने की मान्यता है।उन्होंने श्रद्धालुओं को सलाह दी कि अपनी सामर्थ्य के अनुसार जल, दूध, अन्न, चावल, घी, वस्त्र, फल, पेड़ा, भोजन, घड़ा या मटका, पंखा तथा आर्थिक सहायता ब्राह्मणों, गरीबों, असहाय और जरूरतमंद लोगों को श्रद्धा एवं सम्मान के साथ दान करें। ऐसा करने से घर में सुख-शांति, अन्न-धन की वृद्धि और पारिवारिक समृद्धि बनी रहने की मान्यता है।पंडित सुबोध पाण्डेय ने कहा कि धार्मिक कार्य सदैव श्रद्धा, सद्भाव और निस्वार्थ भावना से करने चाहिए। दान का उद्देश्य दिखावा नहीं, बल्कि सेवा और मानव कल्याण होना चाहिए।
संपर्क:
श्री ज्योतिष कार्यालय
ज्योतिर्विद पंडित सुबोध पाण्डेय
देवलोक कॉलोनी, हापुड़
मो.: 9634408321
ज्योतिष एवं कर्मकाण्ड विशेषज्ञ





स्टार भारत न्यूज़ 24 की रिपोर्ट।



