दिनांक:19/06/2026
रिपोर्ट by: संवादाता इस्तेकार चौधरी
पिता के 89वें जन्मोत्सव पर पिलखुवा पहुंचे डॉ. कुमार विश्वास, ‘अपना घर आश्रम’ में सेवा, सत्संग और संस्कारों का दिया प्रेरक संदेश।
पिलखुवा (हापुड़)। जनपद हापुड़ के पिलखुवा क्षेत्र में रविवार को एक भावनात्मक, सामाजिक और प्रेरणादायी आयोजन देखने को मिला, जब देश के प्रख्यात कवि, वक्ता, शिक्षाविद् एवं चर्चित ग्रंथ ‘अपने-अपने राम’ के लेखक डॉ. कुमार विश्वास अपने पिता प्रो. डॉ. चंद्रपाल शर्मा के 89वें जन्मदिवस के अवसर पर पिलखुवा पहुंचे। इस अवसर पर उन्होंने सबसे पहले सर्वोदय नगर स्थित अपने पैतृक आवास पर पहुंचकर पिता का आशीर्वाद लिया और परिवार के साथ जन्मोत्सव की खुशियां साझा कीं।इसके बाद डॉ. कुमार विश्वास सिखेड़ा रोड स्थित अपना घर आश्रम पहुंचे, जहां उन्होंने आश्रम में रह रहे प्रभुजनों की सेवा की, प्रसादी वितरित की तथा सभी के साथ आत्मीय संवाद किया। कार्यक्रम के दौरान आश्रम परिसर में सत्संग, सेवा और सामाजिक समरसता का अनूठा वातावरण देखने को मिला। बड़ी संख्या में श्रद्धालु, स्थानीय नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य लोग इस आयोजन में शामिल हुए।

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने प्रो. डॉ. चंद्रपाल शर्मा के दीर्घायु एवं उत्तम स्वास्थ्य की कामना करते हुए उनके शिक्षा जगत में दिए गए योगदान को याद किया। उन्होंने वर्षों तक अध्यापन कर हजारों विद्यार्थियों को न केवल शिक्षा दी, बल्कि जीवन में नैतिक मूल्यों और संस्कारों का महत्व भी समझाया। उनके अनेक शिष्यों ने उन्हें एक आदर्श शिक्षक, सरल व्यक्तित्व और प्रेरणादायी मार्गदर्शक के रूप में सम्मानपूर्वक याद किया।अपने संबोधन में डॉ. कुमार विश्वास ने कहा कि “माता-पिता ही जीवन के प्रथम गुरु होते हैं। उनसे मिले संस्कार, शिक्षा और आशीर्वाद किसी भी व्यक्ति की सबसे बड़ी पूंजी और वास्तविक विरासत होते हैं। जीवन में प्राप्त हर उपलब्धि उनके आशीर्वाद का ही परिणाम है।” उन्होंने युवाओं से भी आग्रह किया कि वे अपने माता-पिता और बुजुर्गों का सम्मान करें तथा भारतीय पारिवारिक मूल्यों को आगे बढ़ाएं।

इस अवसर पर धौलाना के प्रमुख प्रशांत सिसोदिया तथा पिलखुवा नगर पालिका अध्यक्ष विभु बंसल भी मौजूद रहे। दोनों जनप्रतिनिधियों ने प्रो. डॉ. चंद्रपाल शर्मा को जन्मदिवस की शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। उन्होंने डॉ. कुमार विश्वास द्वारा सेवा और संस्कारों के माध्यम से जन्मोत्सव मनाने की पहल की सराहना करते हुए कहा कि समाज में ऐसे आयोजनों से सकारात्मक संदेश जाता है और नई पीढ़ी को परिवार, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का महत्व समझने का अवसर मिलता है।कार्यक्रम के दौरान आश्रम में मौजूद सभी लोगों ने प्रसादी ग्रहण की और सेवा कार्यों में सहभागिता निभाई। पूरे आयोजन में सादगी, आत्मीयता और भारतीय संस्कृति की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई दी। उपस्थित लोगों ने कहा कि जन्मदिन जैसे व्यक्तिगत अवसर को सेवा और समाज के साथ जोड़ना अनुकरणीय पहल है।

स्थानीय नागरिकों का मानना है कि ऐसे आयोजन समाज में पारिवारिक मूल्यों, बुजुर्गों के सम्मान, सामाजिक समरसता और मानव सेवा की भावना को मजबूत करते हैं। कार्यक्रम का समापन सभी के मंगल, स्वास्थ्य और समाज में प्रेम, सद्भाव एवं सेवा की भावना के संदेश के साथ हुआ।




