दिनांक:29/07/2026
रिपोर्ट by: संवादाता शराफत सैफी
गुरु पूर्णिमा पर जेएमएस वर्ल्ड स्कूल की प्रेरणादायी पहल, दान शिविर के माध्यम से जरूरतमंद बच्चों तक पहुंचाई शिक्षा और सहयोग की सौगात।
हापुड़। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर जेएमएस वर्ल्ड स्कूल ने शिक्षा को केवल पुस्तकों तक सीमित न रखते हुए सामाजिक जिम्मेदारी और मानवीय मूल्यों का संदेश देने वाली एक सराहनीय पहल की। विद्यालय परिसर में आयोजित विशेष दान शिविर के माध्यम से विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों ने मिलकर जरूरतमंद एवं वंचित बच्चों के लिए सहयोग का हाथ बढ़ाया। इस अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों में सामाजिक और भावनात्मक कौशल विकसित करना, सेवा भावना को प्रोत्साहित करना तथा समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी का बोध कराना था।दान शिविर में विद्यालय परिवार ने स्वेच्छा से नकद सहयोग, स्टेशनरी सामग्री, कॉपियां, पेन, पेंसिल, पुस्तकें तथा खाद्य सामग्री एकत्रित की। एकत्रित की गई सभी उपयोगी वस्तुओं को जरूरतमंद बच्चों तक पहुंचाने के लिए ‘वृंदावन कुंज गली सेवा ट्रस्ट’ के सहयोग से समर्पित किया गया, जिससे समाज के वंचित वर्ग को प्रत्यक्ष सहायता मिल सके।

कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय की विशेष प्रार्थना सभा से हुई। इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. निधि मलिक ने गुरु पूर्णिमा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को गुरु-शिष्य परंपरा, नैतिक मूल्यों और सामाजिक दायित्वों के बारे में प्रेरक विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि अच्छे संस्कारों और संवेदनशील व्यक्तित्व का निर्माण करना है। जब विद्यार्थी दूसरों की सहायता करना सीखते हैं, तभी उनमें करुणा, सहानुभूति और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे गुण विकसित होते हैं।उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि जीवन में छोटी-छोटी सकारात्मक पहल भी किसी के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती हैं। समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्ग की सहायता करना प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है और ऐसे प्रयास बच्चों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

विद्यालय प्रबंधन के डॉ. आयुष सिंघल और डॉ. रोहन सिंघल ने इस सामाजिक अभियान को सफल बनाने में सहयोग देने वाले ‘वृंदावन कुंज गली सेवा ट्रस्ट’ के संस्थापक विकास शर्मा का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समाज सेवा केवल दान तक सीमित नहीं होती, बल्कि यह एक ऐसी सोच है जो लोगों को एक-दूसरे से जोड़ती है। विकास शर्मा द्वारा जरूरतमंदों के लिए निरंतर किए जा रहे सेवा कार्य समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं और ऐसे प्रयासों से सामाजिक समरसता को मजबूती मिलती है।कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह और समर्पण के साथ भागीदारी निभाई। शिक्षकों और अभिभावकों ने भी इस अभियान को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग दिया। विद्यालय परिसर में सेवा, सहयोग और मानवता का संदेश स्पष्ट रूप से दिखाई दिया, जिसने सभी प्रतिभागियों को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का एहसास कराया।

इस अवसर पर विद्यालय परिवार ने यह संदेश दिया कि सच्ची शिक्षा वही है जो व्यक्ति को संवेदनशील, जिम्मेदार और समाजहित में कार्य करने के लिए प्रेरित करे। गुरु पूर्णिमा जैसे पावन पर्व पर आयोजित यह दान शिविर विद्यार्थियों के लिए केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जीवन भर याद रहने वाला ऐसा अनुभव बना जिसने उन्हें यह सिखाया कि किसी जरूरतमंद के चेहरे पर मुस्कान लाना ही सबसे बड़ा पुरस्कार है।जेएमएस वर्ल्ड स्कूल की यह पहल शिक्षा के साथ सामाजिक सरोकारों को जोड़ने का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आई है। विद्यालय का यह प्रयास न केवल जरूरतमंद बच्चों के लिए सहायता का माध्यम बना, बल्कि नई पीढ़ी में सेवा, करुणा, समानता और मानवता जैसे मूल्यों को मजबूत करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।







