अनुशासित और जागरूक युवा ही विकसित भारत की नींव, जीएस विश्वविद्यालय के ‘युवा चेतना’ कार्यक्रम में राष्ट्र निर्माण का संदेश”।

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दिनांक:30/07/2026

रिपोर्ट by: संवादाता इस्तेकार चौधरी

“अनुशासित और जागरूक युवा ही विकसित भारत की नींव, जीएस विश्वविद्यालय के ‘युवा चेतना’ कार्यक्रम में राष्ट्र निर्माण का संदेश”।

पिलखुवा। राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका को सशक्त बनाने और उनमें अनुशासन, नेतृत्व क्षमता तथा सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने के उद्देश्य से जीएस विश्वविद्यालय, पिलखुवा के जीएनएम एवं बीएससी नर्सिंग विभाग के संयुक्त तत्वावधान में ‘युवा चेतना’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों और अतिथियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए युवा शक्ति को राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत बताया और विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की निर्णायक भूमिका पर विस्तार से विचार साझा किए।कार्यक्रम के मुख्य वक्ता कर्नल सचिन कुमार शर्मा ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा कि किसी भी राष्ट्र की वास्तविक शक्ति उसकी युवा पीढ़ी होती है। उन्होंने कहा कि यदि युवा अनुशासन, समर्पण, सकारात्मक सोच और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की भावना के साथ आगे बढ़ें, तो भारत को विकसित और विश्व की अग्रणी शक्ति बनने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने विद्यार्थियों से केवल अपने व्यक्तिगत विकास तक सीमित न रहकर समाज और देश के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया। कर्नल शर्मा ने कहा कि राष्ट्र सेवा केवल सीमा पर खड़े सैनिकों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। शिक्षा के साथ चरित्र निर्माण और सेवा भावना ही युवाओं को सच्चा नेतृत्व प्रदान करती है।

विशिष्ट अतिथि नायब सूबेदार राजेश ने भारतीय सेना में अपने अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों को अनुशासन, साहस और आत्मविश्वास का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि देश सेवा का अर्थ केवल सेना में भर्ती होना नहीं है, बल्कि हर व्यक्ति अपने कार्यक्षेत्र में ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करके भी राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। उन्होंने युवाओं से जीवन की चुनौतियों का डटकर सामना करने और अपने व्यक्तित्व में अनुशासन को स्थायी आदत बनाने का आग्रह किया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश अध्यक्ष के.पी. सिंह ने कहा कि आज का युवा ही कल के भारत की दिशा और दशा तय करेगा। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और राष्ट्र सेवा की भावना को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि संस्कारित, जागरूक और जिम्मेदार युवा ही विकसित भारत की मजबूत नींव रख सकते हैं। उन्होंने कहा कि केवल डिग्री हासिल करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाज के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण और सकारात्मक सोच भी एक सफल नागरिक की पहचान है।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने भी राष्ट्र निर्माण, नेतृत्व विकास, सामाजिक उत्तरदायित्व और युवा शक्ति से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। वक्ताओं ने विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि वे शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी निभाएं, ताकि समाज और राष्ट्र के विकास में उनकी सकारात्मक भूमिका सुनिश्चित हो सके। कार्यक्रम का वातावरण राष्ट्रभक्ति, प्रेरणा और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर रहा।समापन अवसर पर सभी अतिथियों का स्मृति-चिह्न एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मान किया गया। आयोजकों ने बताया कि इस प्रकार के कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, सेवा भावना और जिम्मेदार नागरिक बनने की सोच विकसित करना है, जिससे वे भविष्य में समाज और देश के लिए प्रेरणास्रोत बन सकें।इस अवसर पर हिमाद्री कलिता, रविकांत शर्मा, शिवम कुमार, दीपा, मोनिका पाल सहित जीएनएम एवं बीएससी नर्सिंग विभाग के शिक्षकगण, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रहित, सामाजिक जागरूकता और विकसित भारत के संकल्प के साथ किया गया।

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