दिनांक:01/08/2026
रिपोर्ट by: संवादाता इस्तेकार चौधरी
पिलखुवा नगर पालिका के बड़े फैसले: ओटीएस योजना, 30 साल पुरानी जलनिकासी समस्या के समाधान और आधुनिक विकास परियोजनाओं से बदलेगी शहर की तस्वीर।
पिलखुवा। नगर पालिका परिषद पिलखुवा ने नगर के समग्र विकास, जनहित, पारदर्शिता और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण निर्णयों की घोषणा की है। इन निर्णयों का उद्देश्य नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना, वर्षों से लंबित समस्याओं का समाधान करना तथा नगर को आधुनिक और सुव्यवस्थित स्वरूप प्रदान करना है। परिषद का दावा है कि इन योजनाओं के लागू होने से हजारों नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा और विकास कार्यों को नई गति मिलेगी।नगर पालिका परिषद द्वारा सबसे प्रमुख निर्णय “एकमुश्त समाधान (ओटीएस) योजना” को लागू करने का लिया गया है। यह योजना 15 अगस्त 2026 से 15 दिसंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी। इसके अंतर्गत गृहकर, जलकर और सीवर कर के बकायेदारों को अपने लंबित करों का भुगतान करने पर ब्याज एवं सरचार्ज में शत-प्रतिशत छूट प्रदान की जाएगी। परिषद का मानना है कि इस योजना से नागरिकों को आर्थिक राहत मिलेगी और कर संग्रहण में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी। नगरवासियों से समय सीमा के भीतर योजना का लाभ उठाने की अपील की गई है।

नगर के लिए सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में रेलवे स्टेशन क्षेत्र की वर्षों पुरानी जलनिकासी समस्या के समाधान की दिशा में मिली स्वीकृति को माना जा रहा है। लंबे समय से जलभराव की समस्या से प्रभावित रेलवे स्टेशन के आसपास के क्षेत्रों के लिए रेलवे प्रशासन द्वारा पिलर संख्या-03 से पिलर संख्या-12 तक नाला निर्माण हेतु भूमि उपलब्ध कराने की स्वीकृति प्रदान की गई है। परिषद के अनुसार, इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद छिद्दापुरी, भेलपुरी, नवरंगपुरी, पाबला रोड, रामपुरा, मंडी क्षेत्र, आसरा कॉलोनी सहित लगभग 30 हजार लोगों को जलभराव की समस्या से स्थायी राहत मिलने की उम्मीद है। नगर पालिका का कहना है कि निर्माण प्रक्रिया जल्द प्रारंभ की जाएगी।

नगर के सांस्कृतिक और सामाजिक विकास को नई दिशा देने के लिए अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से लगभग 6.80 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक ऑडिटोरियम की स्वीकृति भी प्राप्त हुई है। इस ऑडिटोरियम के निर्माण के बाद नगर में बड़े स्तर के शैक्षिक, सांस्कृतिक, सामाजिक एवं सार्वजनिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे पिलखुवा की पहचान एक विकसित नगर के रूप में और मजबूत होगी।स्वास्थ्य और सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से नगर के प्रमुख पार्कों का भी व्यापक विकास किया गया है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय पार्क, नमो पार्क, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी पार्क और शहीद स्थल पार्क में ओपन जिम सहित विभिन्न जनसुविधाओं का विस्तार किया गया है। परिषद का कहना है कि इन पार्कों के विकसित होने से नागरिकों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए बेहतर वातावरण मिलेगा।सरकारी भूमि को अतिक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए भी नगर पालिका ने सख्त कदम उठाए हैं। संतोकड़ी क्षेत्र में सरकारी भूमि की सुरक्षा के लिए बाउंड्रीवाल निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है तथा आगामी चरणों में अन्य सरकारी भूमि को भी सुरक्षा दीवार से संरक्षित किया जाएगा। परिषद ने स्पष्ट किया है कि किसी भी सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इसके अलावा नगर के सुनियोजित व्यावसायिक विकास को बढ़ावा देने के लिए पुरानी नगर पालिका भवन परिसर में मिनी कॉम्प्लेक्स निर्माण की योजना को भी स्वीकृति मिल चुकी है। एचपीडीए से अनुमति प्राप्त होने के बाद इस परियोजना पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। परिषद का मानना है कि इससे आधुनिक व्यावसायिक सुविधाएं विकसित होंगी, स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और नगर पालिका की आय में भी वृद्धि होगी।पालिकाध्यक्ष श्री विभू बंसल ने कहा कि नगर पालिका परिषद पिलखुवा विकास, पारदर्शिता और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य कर रही है। उनका कहना है कि ओटीएस योजना नागरिकों को राहत देने का माध्यम बनेगी, जबकि जलनिकासी, आधुनिक ऑडिटोरियम, पार्कों का विकास, ओपन जिम, सरकारी भूमि की सुरक्षा और मिनी कॉम्प्लेक्स जैसी परियोजनाएं आने वाले वर्षों में पिलखुवा की विकास यात्रा को नई दिशा देंगी। उन्होंने कहा कि परिषद का लक्ष्य पिलखुवा को स्वच्छ, विकसित, सुरक्षित और आधुनिक नगर के रूप में स्थापित करना है, जहां प्रत्येक नागरिक को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध हों और विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे।





