दिनांक:27/08/2026
रिपोर्ट by: संवादाता शराफत सैफी
खेलों से सशक्त युवा, मजबूत भारत का संकल्प; मोनार्ड यूनिवर्सिटी में पीएम मोदी के संवाद से विद्यार्थियों में दिखा उत्साह
पिलखुवा। युवाओं को खेलों से जोड़ने और खेल प्रतिभाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गुरुवार को मोनार्ड यूनिवर्सिटी परिसर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने ‘खेलो इंडिया संवाद—खेल की बात, पीएम मोदी के साथ’ कार्यक्रम के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचारों और संदेश को सुना। कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में युवाओं में खासा उत्साह नजर आया।प्रधानमंत्री के संवाद में खेलों को युवा शक्ति के विकास और देश की प्रगति से जोड़ते हुए खेल प्रतिभाओं को पहचानने, उन्हें उचित प्रशिक्षण देने और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में यह संदेश भी प्रमुखता से सामने आया कि खेलों को केवल मनोरंजन तक सीमित न रखकर युवाओं के व्यक्तित्व विकास, अनुशासन और भविष्य निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम बनाया जाना चाहिए।कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष विभु बंसल ने कहा कि आज के दौर में खेल युवाओं के लिए संभावनाओं का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र बन चुके हैं। खेल गतिविधियों के माध्यम से युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता जैसे गुण विकसित होते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ खेलों के लिए भी पर्याप्त समय और अवसर मिलना चाहिए, ताकि उनकी प्रतिभा को सही दिशा मिल सके।

मोनार्ड यूनिवर्सिटी में प्रधानमंत्री के संवाद को सुनने के दौरान विद्यार्थियों ने पूरे ध्यान के साथ कार्यक्रम में भाग लिया। युवाओं के बीच खेलों को लेकर चर्चा भी देखने को मिली। विद्यार्थियों ने खेल क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों, प्रशिक्षण व्यवस्था और प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी संसाधनों को लेकर अपने विचार साझा किए।कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी श्रुति शर्मा, जिला युवा एवं खेल अधिकारी एकता मिश्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष रेखा नागर, धौलाना विधायक धर्मेश तोमर, जिला मीडिया प्रभारी अमित टांक, दीपक राबिया तथा मंडल कोषाध्यक्ष अंकुर गहलौत सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने युवाओं से नियमित रूप से खेल गतिविधियों में भाग लेने की अपील की। वक्ताओं ने कहा कि किसी भी खिलाड़ी की सफलता के पीछे प्रतिभा के साथ निरंतर अभ्यास, सही मार्गदर्शन और सुविधाओं की भी अहम भूमिका होती है। ऐसे में शिक्षण संस्थानों और प्रशासन के स्तर से युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करना जरूरी है।मोनार्ड यूनिवर्सिटी में आयोजित यह कार्यक्रम युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करने के साथ-साथ उन्हें अपनी प्रतिभा पहचानने और उसे निखारने का संदेश देने वाला रहा। कार्यक्रम में इस बात पर जोर रहा कि देश की युवा शक्ति को यदि खेल, शिक्षा और कौशल के बेहतर अवसर मिलें, तो वह न केवल अपने भविष्य को मजबूत कर सकती है, बल्कि राष्ट्र के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है।कुल मिलाकर, ‘खेलो इंडिया संवाद’ के माध्यम से मोनार्ड यूनिवर्सिटी में युवाओं के बीच खेलों को लेकर सकारात्मक वातावरण देखने को मिला। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को खेलों में आगे बढ़ने, नियमित अभ्यास करने और उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाकर अपनी प्रतिभा को बड़े मंच तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया।






