Hapur news:जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट के सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति शासी निकाय की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक सम्पन्न।

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स्वास्थ्य विभाग के अधिकारीगण सरकार द्वारा संचालित की जा रही सभी स्वास्थ्य योजनाओं का जन-जन तक लाभ पहुंचाने की करें कार्यवाही।

सभी स्वास्थ्य अधिकारियों के द्वारा नियमित टीकाकरण कार्यक्रम को संचालित किया जाए प्रमुखता के साथ।

जनपद के सभी सरकारी अस्पतालों में सरकार की मंशा के अनुरूप आवश्यक मेडिकल सयंत्र एवं दवाइयों की रहे पर्याप्त उपलब्धता।

डेेंगू बुखार के लक्षण व बचाव के सम्बंध में स्वास्थ्य विभाग के द्वारा किया जायें व्यापक प्रचार प्रसार।

 

उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा जन सामान्य के लाभार्थ संचालित की जा रही स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से आज कलेक्ट्रेट के सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति शासी निकाय की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग की समस्त योजनाओं की गहन समीक्षा करते हुये स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ जन सामान्य को समय से उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य कार्यक्रमों से जुड़े हुए।

अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि सभी स्वास्थ्य कार्यक्रमों को जनपद में बहुत ही माइक्रो प्लान के साथ संचालित किया जाए ताकि सरकार की मंशा के अनुरूप सभी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ जन-जन तक सरलता के साथ पहुंच सके। उन्होंने समीक्षा करते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग शासी निकाय के अधिकारियों के द्वारा सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं का जन-जन तक लाभ पहुंचाने में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका है सभी अधिकारीगण एवं चिकित्सकगण अपनी-अपनी ड्यूटी पर निर्धारित समय पर उपस्थित होकर सरकार द्वारा संचालित किए जा रहे स्वास्थ्य कार्यक्रमों का लाभ पहुंचाने की दिशा में विशेष प्रयास सुनिश्चित करें। संबंधित अधिकारियों के द्वारा ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए कि जनपद के सभी सरकारी अस्पतालों में निरंतर स्तर पर पर्याप्त मात्रा में दवाइयों एवं समस्त आवश्यक मेडिकल सयंत्र की उपलब्धता रहें। डीएम ने जिला स्वास्थ समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपद में संचारी रोग एवं दस्तक अभियान समाप्त हो गया है परंतु अधिकारीगण अभी भी एक्टिव रहकर संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ आपसी सामंजस्य स्थापित करते हुए वेक्टर जनित को लेकर व्यापक स्तर पर स्कूलों, शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में प्रचार प्रसार सुनिश्चित करें और आम जनमानस को डेंगू के बुखार के लक्षण एवं उनसे बचाव के संबंध में विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराएं साथ ही शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में निरंतर एंटी लारवा, फागिंग तथा साफ-सफाई की व्यवस्था पर विशेष फोकस रखा जाए। जिलाधिकारी ने पूर्व बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में क्या कार्यवाही की गई उसके विषय में जानकारी प्राप्त की। मैटरनल हेल्थ कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया गया कि गर्भवती महिलाओं में एचआरपी को चिन्हित किया जाए एवं उनको शत-प्रतिशत उपचार प्रदान किया जाए। संस्थागत प्रसव में समीक्षा करते हुए निर्देशित किया गया कि सभी निजी चिकित्सालयों से भी संस्थागत प्रसव के सभी आंकड़ों को प्राप्त किया जाए और लाभार्थियों का भुगतान शत-प्रतिशत सुनिश्चित किया जाए।

 

मंत्रा एप के माध्यम से सभी सरकारी चिकित्सालयों में जन्म लेने वाले बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र बनाए जाने के निर्देश दिए। रूटीन टीकाकरण की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया गया की सभी प्रभारी अपने-अपने एसडीएम, तहसीलदारों, ग्राम प्रधानों, प्रभावशाली व्यक्तियों, धार्मिक नेताओं से संपर्क स्थापित करते हुए संपूर्ण टीकाकरण सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने आगामी 7 अगस्त से प्रारम्भ हो रहे मिशन इन्द्रधनुष कार्यक्रम को लेकर की जा रही तैयारीयों की समीक्षा करते हुये कहा कि जनपद में मिशन इन्द्रधनुष कार्यक्रम को सफल बनाने में जनपद की आंगनबाॅडी कार्यकत्रियों की बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका है, इसलिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के द्वारा सभी आंगनबाॅडी कार्यकत्रियों को समय रहते प्रशिक्षण दिया जायें। बैठक के दूसरे चरण में जिलाधिकारी ने जिला पोषण समिति की बैठक की समीक्षा करते हुये कहा कि जिले के विकास व स्वस्थ्य समाज के लिए बच्चों का स्वस्थ्य होना जरूरी है। जिलाधिकारी ने 0-3 माह व 06 माह से 03 वर्ष के बच्चों के पोषण टैकर ऐप पर बच्चों के वजन की फीडिंग की प्रगति की समीक्षा की। जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि पोषाहार वितरण के बाद पोषण टैकर ऐप पर फीडिंग के कार्य में तेजी लाएं। इस दौरान जिलाधिकारी ने उपस्थित बाल विकास परियोजना अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्रों पर पोषण अभियान के तहत कराये जा रहे कार्यों की बेहतर ढंग से मानीटरिंग करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सैम-मैम बच्चों को समय से पोषाहार व दवाएं उपलब्ध करायी जाये और उनके स्वास्थ्य का समय-समय पर परीक्षण भी कराया जाये, जिससे कि वह जल्द से जल्द स्वास्थ्य हो सके सके। संभव अभियान सैम-मैम बच्चों चिन्हांकन, उपचार संर्दभन एवं सामुदायिक स्तर पर उनके प्रबन्धन व कुपोषण में सुधार/रोकथाम के लिए संभव अभियान समस्त कन्वर्जेन्श विभागों को उनके द्वारा किये जाने वाले कार्यो एवं दायित्वों के बारे में जिलाधिकारी द्वारा बताया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य विकास अधिकारी , मुख्य चिकित्सा अधिकारी , डीपीएम , जिला पंचायत राज अधिकारी , जिला कार्यक्रम अधिकारी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारीगण एवं अन्य सम्बन्धित विभागीय अधिकारीगण एवं कर्मचारी गण उपस्थित रहे।

स्टार भारत न्यूज़ 24 की रिपोर्ट।

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