दिनांक:18/02/2026
रिपोर्ट by: संवादाता इस्तेकार चौधरी
Saraswati Institute of Medical Sciences में जटिल एवं विशाल लिपोमा का सफल ऑपरेशन, ईएनटी विभाग की बड़ी उपलब्धि।अनवरपुर, हापुड़। उन्नत शल्य चिकित्सा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज करते हुए सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ के ईएनटी विभाग ने गर्दन के अग्र भाग में स्थित एक अत्यंत बड़े एवं जटिल लिपोमा (वसा की गांठ) का सफल ऑपरेशन कर मरीज को नई राहत प्रदान की है। यह मामला चिकित्सकीय दृष्टि से चुनौतीपूर्ण होने के साथ-साथ मरीज के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से अत्यधिक कष्टदायक बन चुका था।

चार वर्षों से पीड़ित था मरीज प्राप्त जानकारी के अनुसार मरीज पिछले लगभग चार वर्षों से गर्दन के सामने बढ़ती हुई सूजन से परेशान था। गांठ का आकार लगातार बढ़ने से उसे दैनिक जीवन में असुविधा, शारीरिक असहजता और सामाजिक संकोच का सामना करना पड़ रहा था। इस दौरान वह 7–8 विभिन्न अस्पतालों में परामर्श ले चुका था, लेकिन ऑपरेशन की जटिलता और महत्वपूर्ण नसों व प्रमुख रक्त वाहिकाओं की निकटता के कारण कई स्थानों पर सर्जरी से परहेज़ किया गया।

लगातार इलाज न मिल पाने से मरीज मानसिक रूप से भी हताश हो गया था। अंततः विशेषज्ञ उपचार की उम्मीद में उसने सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ के ईएनटी विभाग से संपर्क किया।विशेषज्ञ टीम ने बनाई विस्तृत शल्य योजना संस्थान में चिकित्सकों की विशेषज्ञ टीम ने मरीज की विस्तृत क्लिनिकल जांच, आवश्यक रेडियोलॉजिकल परीक्षण तथा समग्र मूल्यांकन किया। सभी पहलुओं का गंभीर अध्ययन करने के बाद सर्जरी करने का निर्णय लिया गया।

सावधानीपूर्वक तैयार की गई शल्य योजना के तहत ऑपरेशन को अंजाम दिया गया, जिसमें महत्वपूर्ण संरचनाओं—नसों और रक्त वाहिकाओं—को सुरक्षित रखते हुए गांठ को पूर्ण रूप से हटाया गया।यह जटिल सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. अविनाश कुमार, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. शुभम मित्तल, सीनियर रेजिडेंट डॉ. प्रीति और रेजिडेंट डॉक्टर डॉ. चंदन की कुशल टीम द्वारा सफलतापूर्वक संपन्न की गई। ऑपरेशन के दौरान उच्च स्तरीय तकनीकी दक्षता, टीम समन्वय और आधुनिक चिकित्सा उपकरणों का प्रभावी उपयोग किया गया।

सर्जरी सफल, मरीज की स्थिति स्थिर ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा। सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति स्थिर बताई जा रही है और वह तेजी से स्वस्थ हो रहा है। चिकित्सकों के अनुसार, शीघ्र ही मरीज सामान्य जीवन में लौट सकेगा। मरीज और उसके परिजनों ने संस्थान तथा चिकित्सा टीम के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया।प्रबंधन ने दी बधाई चिकित्सा अधीक्षक ने ईएनटी विभाग की टीम को इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि संस्थान जटिल एवं गंभीर मामलों के सफल उपचार के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

संस्थान की प्रबंधन टीम—डॉ. बरखा गुप्ता (प्राचार्य), ब्रिगेडियर डॉ. आर.के. सहगल (सीनियर एडवाइजर), एन. वर्धराजन (जनरल मैनेजर), रघुवर दत्त तथा डॉ. मेजर जनरल चरणजीत सिंह अहलूवालिया (एम.एस.)—ने भी टीम की सराहना की।संस्थान के संस्थापक एवं अध्यक्ष डॉ. जे. रामचंद्रन और उपाध्यक्ष राम्या रामचंद्रन ने इस सफलता को विशेषज्ञता, समर्पण और उच्च गुणवत्ता वाली रोगी सेवा का प्रतीक बताते हुए टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि संस्थान अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं और संवेदनशील स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

अत्याधुनिक सुविधाओं का प्रमाण यह सफलता संस्थान की आधुनिक चिकित्सा तकनीक, अनुभवी चिकित्सकों की दक्षता और समर्पित टीम वर्क का सशक्त प्रमाण है। जटिल शल्य प्रक्रियाओं में इस प्रकार की उपलब्धियां क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने का कार्य करती हैं।




