दिनांक:25/05/2026
रिपोर्ट by: संवादाता इस्तेकार चौधरी
सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़, हापुड़ द्वारा “ऑराकॉन 2026” राष्ट्रीय अकादमिक सम्मेलन का भव्य आयोजन — देशभर के विशेषज्ञ चिकित्सकों, युवा एनेस्थीसियोलॉजिस्ट्स एवं मेडिकल प्रतिनिधियों ने किया सहभाग।
जनपद हापुड़ स्थित सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ में एनेस्थीसियोलॉजी एवं क्रिटिकल केयर विभाग द्वारा “ऑराकॉन 2026” राष्ट्रीय अकादमिक सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। यह सम्मेलन चिकित्सा शिक्षा, वैज्ञानिक शोध, आधुनिक तकनीकों और व्यावहारिक प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया, जिसमें देशभर के प्रतिष्ठित मेडिकल संस्थानों से आए 200 से अधिक विशेषज्ञ चिकित्सकों, फैकल्टी सदस्यों, शोधकर्ताओं, स्नातकोत्तर छात्रों और मेडिकल प्रोफेशनल्स ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।सम्मेलन का आयोजन सरस्वती ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के फाउंडर एवं चेयरमैन डॉ. जे. रामचंद्रन और वाइस चेयरपर्सन राम्या रामचंद्रन के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम को संस्थान के प्रबंधन और प्रशासन का भी पूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ। आयोजन के दौरान एनेस्थीसियोलॉजी और क्रिटिकल केयर से जुड़े आधुनिक विषयों पर विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए और नई चिकित्सा तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी।

ऑराकॉन 2026 में एम्स दिल्ली, जीआईएमएस ग्रेटर नोएडा, पारस हॉस्पिटल चंडीगढ़ सहित कई प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने भाग लिया। सम्मेलन में रीजनल एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर मेडिसिन, अल्ट्रासाउंड गाइडेड प्रक्रियाएं, पेरिऑपरेटिव केयर और आपातकालीन चिकित्सा मूल्यांकन जैसे विषयों पर वैज्ञानिक व्याख्यान आयोजित किए गए। विशेषज्ञों ने आधुनिक चिकित्सा तकनीकों और जटिल परिस्थितियों में मरीजों के बेहतर उपचार से जुड़े अनुभव भी साझा किए।सम्मेलन की सबसे खास और चर्चित गतिविधियों में हैंड्स-ऑन अल्ट्रासाउंड गाइडेड रीजनल एनेस्थीसिया वर्कशॉप शामिल रही, जिसमें प्रतिभागियों को विशेषज्ञों की निगरानी में वास्तविक समय आधारित व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान युवा डॉक्टरों और स्नातकोत्तर छात्रों को आधुनिक रीजनल ब्लॉक तकनीकों, अल्ट्रासाउंड आधारित प्रक्रियाओं और जटिल परिस्थितियों में समस्या समाधान के तरीकों का प्रशिक्षण दिया गया।इसके साथ ही पीओकस यानी पॉइंट ऑफ केयर अल्ट्रासाउंड और 2D ईकोकार्डियोग्राफी पर लाइव डेमोंस्ट्रेशन भी आयोजित किए गए। विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को पेरिऑपरेटिव कार्डियक असेसमेंट, इमरजेंसी क्रिटिकल केयर और बेडसाइड अल्ट्रासाउंड के उपयोग की विस्तृत जानकारी दी। प्रतिभागियों ने इन सत्रों को बेहद उपयोगी और ज्ञानवर्धक बताया।

ऑराकॉन 2026 का एक और महत्वपूर्ण हिस्सा कैडेवरिक वर्कशॉप रही, जिसमें प्रतिभागियों को शरीर रचना विज्ञान और क्लिनिकल प्रक्रियाओं के बीच संबंध को व्यावहारिक रूप से समझाया गया। इस वर्कशॉप में अपर लिम्ब ब्लॉक, लोअर लिम्ब ब्लॉक, ट्रंकल और एब्डॉमिनल ब्लॉक जैसे विभिन्न लर्निंग स्टेशनों के माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया। विशेषज्ञों का कहना था कि इस तरह की वर्कशॉप युवा एनेस्थीसियोलॉजिस्ट्स के आत्मविश्वास और व्यावहारिक दक्षता को बढ़ाने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।सम्मेलन में लगभग 75 वैज्ञानिक पेपर और पोस्टर प्रेजेंटेशन भी प्रस्तुत किए गए। देशभर से आए युवा डॉक्टरों और शोधकर्ताओं ने अपने शोध पत्रों के माध्यम से आधुनिक एनेस्थीसिया तकनीकों, दर्द प्रबंधन, एयरवे मैनेजमेंट, अल्ट्रासाउंड गाइडेड तकनीकों, दुर्लभ क्लिनिकल केस स्टडीज़ और शोध आधारित उपचार पद्धतियों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। इन प्रस्तुतियों ने पूरे आयोजन को और अधिक शोध आधारित और ज्ञानवर्धक बना दिया।

विशेषज्ञों और वरिष्ठ फैकल्टी सदस्यों द्वारा पेपर एवं पोस्टर प्रेजेंटेशन का मूल्यांकन किया गया। प्रतिभागियों के शोध कार्यों की गुणवत्ता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और क्लिनिकल उपयोगिता की सराहना की गई। युवा शोधकर्ताओं ने इस मंच को अपनी अकादमिक प्रतिभा दिखाने और विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त करने का बेहतरीन अवसर बताया।सम्मेलन का संपूर्ण वातावरण वैज्ञानिक चर्चा, व्यावहारिक प्रशिक्षण और ज्ञान के आदान-प्रदान से भरपूर रहा। प्रतिभागियों ने सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ द्वारा उपलब्ध कराए गए उत्कृष्ट अकादमिक माहौल और आयोजन व्यवस्था की जमकर प्रशंसा की।कार्यक्रम के अंत में आयोजन समिति ने सभी विशेषज्ञ वक्ताओं, प्रतिनिधियों, फैकल्टी सदस्यों, प्रबंधन, रेजिडेंट्स, स्वयंसेवकों और सहयोगी टीमों का आभार व्यक्त किया। आयोजकों ने कहा कि भविष्य में भी इसी प्रकार के राष्ट्रीय स्तर के अकादमिक कार्यक्रम आयोजित कर चिकित्सा शिक्षा, शोध, नवाचार और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने का प्रयास जारी रहेगा।


स्टार भारत न्यूज़ 24 की रिपोर्ट।



