दिनांक:17/10/2026
हापुड़ ब्यूरो रिपोर्ट
हापुड़ रामलीला मेले पर उठे सवाल, डीएम से शिकायत 40 से 45 लाख में ठेका देने और अवैध वसूली के आरोप।
हापुड़ रामलीला मेले में सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर डीएम से शिकायत
हापुड़। शहर के श्री रामलीला मैदान में आयोजित रामलीला मेले की व्यवस्थाओं को लेकर विवाद सामने आया है। मेले में प्रशासनिक अनुमति की शर्तों का पालन नहीं करने, सुरक्षा मानकों की अनदेखी और दुकानदारों से कथित अवैध वसूली के आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी कविता मीना से शिकायत की गई है। शिकायतकर्ता ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच कराकर कार्रवाई करने की मांग की है।श्री श्रवण कुमार आयुर्वेदिक योगा संस्थान के संस्थापक एवं संचालक विकास गोयल की ओर से दिए गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया है कि मेला संचालन के दौरान 16 अक्टूबर 2026 को जारी प्रशासनिक अनुमति की शर्तों का पालन नहीं किया जा रहा है। शिकायत में समिति के कुछ पदाधिकारियों की नियुक्ति पर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि कथित तौर पर कूटरचित दस्तावेजों के जरिए पद हासिल किए गए और रामलीला आयोजन की आड़ में मेले का ठेका 38 लाख रुपये में दिया गया। शिकायतकर्ता ने मेले में दुकान लगाने वाले छोटे दुकानदारों और चाट-पकौड़ी विक्रेताओं से अवैध वसूली किए जाने का भी आरोप लगाया है।

बिना फिटनेस जांच झूले चलाने और हाईटेंशन लाइन के नीचे दुकानें लगाने का आरोप
शिकायती पत्र में मेले की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई गंभीर बिंदु उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि फिटनेस जांच के बिना बड़े झूलों और मौत के कुएं का संचालन किया जा रहा है। इससे मेले में आने वाले लोगों की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। इसके अलावा 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन के नीचे दुकानें लगाए जाने का भी दावा किया गया है। शिकायत में इसे संभावित दुर्घटना का कारण बताते हुए संबंधित व्यवस्थाओं की जांच कराने की मांग की गई है।

ध्वनि प्रदूषण और अग्निशमन व्यवस्था पर भी सवाल
शिकायत के अनुसार, मेले में देर रात 12 बजे तक तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजाए जाने से ध्वनि प्रदूषण संबंधी नियमों के उल्लंघन की आशंका जताई गई है। शिकायतकर्ता ने अग्निशमन उपकरणों और आपातकालीन निकासी की व्यवस्था पर्याप्त नहीं होने का आरोप भी लगाया है। इसके साथ ही राजकीय पुस्तकालय के लिए आवंटित भूमि पर दुकानें और झूले लगाए जाने का दावा करते हुए भूमि के इस्तेमाल की जांच कराने की मांग की गई है।

अनुमति रद्द करने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग
विकास गोयल ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, अनुमति की शर्तों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित अनुमति निरस्त करने तथा नियमों के विपरीत संचालित झूलों और लाउडस्पीकरों पर रोक लगाने की मांग की है। शिकायत में जनसुरक्षा और छोटे दुकानदारों के हितों को प्राथमिकता देने की अपील की गई है। शिकायती पत्र की एक प्रति आवश्यक कार्रवाई के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को भी भेजे जाने की बात कही गई है।
फिलहाल, ये सभी आरोप शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए हैं। मामले में प्रशासन की ओर से जांच या कार्रवाई संबंधी आधिकारिक पक्ष सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।








