
दिनांक:14/03/2024
रिपोर्ट by: शराफत सैफी
जनपद हापुड़
हापुड़ देश भर में अकीदत के साथ अदा की गई रमज़ान के दूसरे जुमे की नमाज़ उलेमा ने रमज़ान की फजीलत बयान की।
हापुड़ में सभी मस्जिदों में अदा की गई जुम्मे की नमाज हापुड़ में प्रशासन रहा अलर्ट।
में माहे रमजान के दूसरे जुमे को मुसलमानों ने खुलूस-ओ-अकीदत के साथ नमाज-ए-जुमा अदा की। माहे रमजान के इस दूसरे जुमे का मुसलमान सुबह सवेरे से ही नमाज-ए-जुमा की तैयारियों में लगे रहे और अलग-अलग मस्जिदों में बड़ी तादाद में नमाज-ए-जुमा पढ़ी गईं जबकि औरतों ने अपने अपने घरों में नमाज अदा की। इस मौके पर मस्जिदों में नमाज से पहले व नमाज के बाद मौजूद नमाजियों को खिताब करते हुए इमाम हजरात ने रमजान की फजीलत बयान करते हुए कहा कि रमजान अल्लाह का वो बाबरकत महीना है जिसमें हर एक नेकी (अच्छा काम) का 70 गुना ज्यादा सवाब मिलता है। नमाज़ की अहमियत बयान करते हुए उलेमा ने फरमाया कि नमाज कब्र जैसी अंधेरी कोठरी के लिए रोशनी है और कब्र के अजाब से निजात का जरिया है। रोजे की फजीलत बयान करते हुए उलेमा ने बताया कि रोजा अल्लाह की खास इबादतों में से एक है जिसकी जजा (सवाब) अल्लाह अपने रोजेदार बंदे को खुद अपने हाथों से देंगे।




हापुड़ से स्टार भारत न्यूज़ 24 की रिपोर्ट।




