Hapur news:हाईकोर्ट के स्टे के बावजूद बुलडोजर कार्रवाई पर भड़की सपा, प्रशासन पर तानाशाही और कोर्ट अवमानना का आरोप।

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दिनांक:14/05/2026

रिपोर्ट by: संवादाता जगदीश माकन

Hapur news:हाईकोर्ट के स्टे के बावजूद बुलडोजर कार्रवाई पर भड़की सपा, प्रशासन पर तानाशाही और कोर्ट अवमानना का आरोप।

हापुड़। जनपद हापुड़ में समाजवादी पार्टी द्वारा आयोजित एक विशाल प्रेस वार्ता में प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर जमकर विरोध दर्ज कराया गया। समाजवादी पार्टी जिला कार्यालय पर आयोजित इस प्रेस वार्ता में पार्टी के जिला पदाधिकारी, विधानसभा अध्यक्ष, वरिष्ठ नेता, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकार मौजूद रहे। प्रेस वार्ता के दौरान पार्टी नेताओं ने प्रशासन पर हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना, राजनीतिक द्वेष और अल्पसंख्यक समाज को निशाना बनाने जैसे गंभीर आरोप लगाए।प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष आनंद गुर्जर ने कहा कि प्रदेश में लोकतंत्र और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब माननीय हाईकोर्ट द्वारा सुबह ही संबंधित मामले में स्टे ऑर्डर जारी कर दिया गया था और प्रशासन की ओर से अधिवक्ता भी कोर्ट में मौजूद थे, तो इसके बावजूद बुलडोजर कार्रवाई किसके निर्देश पर की गई। उन्होंने कहा कि यह केवल प्रशासनिक कार्रवाई नहीं बल्कि न्यायपालिका के आदेशों की खुली अवमानना है।

जिलाध्यक्ष ने कहा कि पार्टी के जिला उपाध्यक्ष अय्यूब सिद्दीकी को राजनीतिक कारणों से निशाना बनाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने बिना संवेदनशीलता दिखाए परिवार को सड़क पर आने के लिए मजबूर कर दिया, जिससे पूरे क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी इस मामले में जिलाधिकारी, एडीएम, एसडीएम और संबंधित तहसील प्रशासन के खिलाफ न्यायालय की अवमानना की कार्रवाई करेगी।उन्होंने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर प्रदेश में कानून का राज है तो फिर विपक्षी नेताओं और अल्पसंख्यक समाज के लोगों के खिलाफ ही इस प्रकार की कार्रवाई क्यों की जा रही है। उन्होंने कहा कि बुलडोजर न्याय की आड़ में लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्रेस वार्ता के दौरान समाजवादी Party के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधीर चौहान ने भी प्रशासनिक कार्रवाई पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि हापुड़ प्रशासन ने कोर्ट के आदेशों को नजरअंदाज कर लोकतांत्रिक व्यवस्था को चुनौती देने का काम किया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पार्टी इस मामले को केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रखेगी बल्कि मानवाधिकार आयोग और न्यायालय में भी पूरी मजबूती से उठाएगी।सुधीर चौहान ने दावा किया कि पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी पार्टी के पास सुरक्षित है और उसमें शामिल पुलिस अधिकारियों एवं प्रशासनिक कर्मचारियों की पहचान की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि साक्ष्यों के आधार पर संबंधित अधिकारियों को लीगल नोटिस भेजे जाएंगे और न्यायालय के समक्ष पूरी वीडियो रिकॉर्डिंग प्रस्तुत की जाएगी। उन्होंने कहा कि दोषी अधिकारियों की जवाबदेही तय कराई जाएगी और किसी भी अधिकारी को कानून से ऊपर नहीं माना जाएगा।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में न्यायपालिका सर्वोच्च है और यदि न्यायालय के आदेशों का सम्मान नहीं होगा तो आम जनता का विश्वास व्यवस्था से उठ जाएगा। समाजवादी पार्टी इस पूरे मामले को जनता के बीच भी लेकर जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।प्रेस वार्ता में मौजूद अन्य पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भी प्रशासनिक कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की मांग की। नेताओं ने कहा कि पार्टी अन्याय के खिलाफ सड़क से लेकर न्यायालय तक संघर्ष जारी रखेगी और प्रभावित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर संभव कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी।इस दौरान जनपद के विभिन्न समाचार पत्रों, डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म और न्यूज़ चैनलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे, जिन्होंने पूरे घटनाक्रम को प्रमुखता से कवर किया। प्रेस वार्ता के अंत में पार्टी नेताओं ने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और न्यायिक आदेशों के सम्मान की आवश्यकता पर जोर दिया।

स्टार भारत न्यूज़ 24 की रिपोर्ट।