हापुड़ जिला पंचायत में भ्रष्टाचार के आरोपों पर बवाल, सदस्यों ने निष्पक्ष जांच की उठाई मांग।

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दिनांक:19/05/2026

रिपोर्ट by: संवादाता इस्तेकार चौधरी

हापुड़ जिला पंचायत में भ्रष्टाचार के आरोपों पर बवाल, सदस्यों ने निष्पक्ष जांच की उठाई मांग।

हापुड़। जनपद हापुड़ के जिला पंचायत कार्यालय में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। जिला पंचायत सदस्यों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इस संबंध में जिला पंचायत सदस्य सुरेश तोमर और समीत शिशोदिया ने अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत हापुड़ को एक मांग पत्र सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।सदस्यों का आरोप है कि जिला पंचायत कार्यालय में भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है और कुछ अधिकारियों की भूमाफियाओं से सांठगांठ होने के कारण सरकारी कार्यों में पारदर्शिता नहीं रह गई है। मांग पत्र में कहा गया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जांच पूरी होने तक संबंधित अधिकारी को पद से हटाया जाए, ताकि जांच प्रक्रिया प्रभावित न हो सके।

मांग पत्र में यह भी कहा गया है कि जिला पंचायत कार्यालय में दलालों की सक्रियता लगातार बढ़ रही है, जिससे आम लोगों और जनप्रतिनिधियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सदस्यों ने कार्यालय परिसर में अनधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक लगाने और बिना आधिकारिक जिम्मेदारी वाले लोगों की बैठकों में मौजूदगी बंद कराने की मांग की है। इसके अलावा जिला पंचायत सदस्यों ने विकास कार्यों में भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि सभी वार्डों में समान रूप से विकास कार्य कराए जाने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ क्षेत्रों को प्राथमिकता देकर अन्य वार्डों की अनदेखी की जा रही है।अवैध कॉलोनियों का मुद्दा भी मांग पत्र में प्रमुखता से उठाया गया। सदस्यों का कहना है कि अवैध कॉलोनियों के संचालकों से मिलीभगत कर उगाही की जा रही है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि ऐसी कॉलोनियों को चिन्हित कर तत्काल कार्रवाई की जाए और जिन भूखंडों के नक्शे नियमों के विरुद्ध पास किए गए हैं, उन्हें निरस्त किया जाए।

फैक्ट्री मालिकों से नक्शा पास कराने के नाम पर अवैध वसूली के आरोप भी लगाए गए हैं। सदस्यों ने कहा कि नक्शा स्वीकृति प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए और बिना किसी दबाव या धन उगाही के समय पर कार्य किए जाएं।अब पूरे मामले में निगाहें जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि आरोपों की निष्पक्ष जांच होती है तो जिला पंचायत कार्यालय में चल रही व्यवस्थाओं और कार्यप्रणाली को लेकर कई बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं।

स्टार भारत न्यूज़ 24 की रिपोर्ट।

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