दिनांक:28/05/2026
रिपोर्ट by: संवादाता शराफत सैफी
वैश्विक मंच पर चमका हापुड़ का नाम, जेएमएस वर्ल्ड स्कूल की प्रधानाचार्या डॉ. निधि मलिक को श्रीलंका में मिला अंतरराष्ट्रीय सम्मान।
मेरठ/हापुड़। शिक्षा जगत के लिए गर्व का क्षण उस समय सामने आया जब जेएमएस वर्ल्ड स्कूल की प्रधानाचार्या डॉ. निधि मलिक को श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय शिक्षा सम्मेलन में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रतिष्ठित “इंटरनेशनल अवॉर्ड इन द फील्ड ऑफ एजुकेशन” से सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि से न केवल जेएमएस वर्ल्ड स्कूल बल्कि हापुड़ जनपद और पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश का नाम वैश्विक पटल पर गौरवान्वित हुआ है।अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में दुनिया के कई देशों से शिक्षाविद, शिक्षा विशेषज्ञ और नीति निर्माता शामिल हुए, जहाँ डॉ. निधि मलिक ने मुख्य वक्ता के रूप में अपनी प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने “Growth vs. Excuses” यानी “विकास बनाम बहाने” विषय पर प्रेरणादायक व्याख्यान देते हुए शिक्षा, आत्मविकास और सकारात्मक सोच के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उनके संबोधन को उपस्थित शिक्षाविदों ने काफी सराहा।

सम्मेलन के दौरान डॉ. निधि मलिक ने अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल के साथ श्रीलंका के माननीय राज्यपाल से शिष्टाचार भेंट भी की। इस मुलाकात में वैश्विक शिक्षा नीतियों, बच्चों के समग्र विकास, सतत विकास लक्ष्यों और प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ECCE) जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। इस दौरान अंतरराष्ट्रीय शिक्षा सहयोग को मजबूत बनाने पर भी विचार साझा किए गए।श्रीलंका यात्रा के अनुभव साझा करते हुए डॉ. निधि मलिक ने वहाँ की सामाजिक व्यवस्था, अनुशासन और नागरिक बोध की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि श्रीलंका की शिक्षा प्रणाली अपनी संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों से गहराई से जुड़ी हुई है, जो विद्यार्थियों को केवल किताबों तक सीमित न रखकर व्यवहारिक और नैतिक शिक्षा भी प्रदान करती है।

उन्होंने बताया कि श्रीलंका के लोग बेहद शांत, सरल और धैर्यवान स्वभाव के हैं, जिसका प्रभाव वहाँ के सामाजिक वातावरण में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। यातायात व्यवस्था को लेकर उन्होंने कहा कि वहाँ के लोगों में अनुशासन की अद्भुत भावना देखने को मिली। सड़क पर अनावश्यक हॉर्न बजाने का चलन लगभग नहीं है और वाहन चालक राहगीरों को प्राथमिकता देते हुए उन्हें सुरक्षित रास्ता पार करने का अवसर देते हैं।डॉ. निधि मलिक ने श्रीलंका की स्वच्छता व्यवस्था और उच्च नागरिक बोध को भी प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि सड़कों पर कहीं भी गंदगी या कूड़ा-कचरा दिखाई नहीं देता। सफाई व्यवस्था लगातार सक्रिय रहती है, जिसके कारण पूरा शहर साफ-सुथरा और व्यवस्थित नजर आता है। उन्होंने कहा कि यह अनुभव उनके लिए केवल एक शैक्षणिक उपलब्धि नहीं बल्कि सामाजिक अनुशासन और स्वच्छता प्रबंधन को समझने का भी महत्वपूर्ण अवसर रहा।

उन्होंने कहा कि श्रीलंका से मिली सीख को वे अपने विद्यालय के विद्यार्थियों तक पहुँचाने का प्रयास करेंगी, ताकि बच्चों में बेहतर नागरिक बोध, अनुशासन, स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित हो सके।इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर जेएमएस वर्ल्ड स्कूल के प्रबंध निदेशक डॉ. आयुष सिंघल, सचिव डॉ. रोहन सिंघल सहित पूरे विद्यालय परिवार ने डॉ. निधि मलिक को हार्दिक बधाई दी। विद्यालय प्रबंधन ने इसे शिक्षा जगत के लिए गर्व का विषय बताते हुए कहा कि यह सम्मान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।विद्यालय परिवार और क्षेत्रवासियों ने आशा व्यक्त की कि डॉ. निधि मलिक भविष्य में भी शिक्षा के क्षेत्र में इसी तरह नए आयाम स्थापित कर देश और समाज का नाम रोशन करती रहेंगी।

स्टार भारत न्यूज़ 24 की रिपोर्ट।



