बुलन्दशहर जिला कारागार में हर्षोल्लास से मनाया गया रक्षाबंधन, 1532 मुलाकातियों ने बंदी भाइयों की कलाई पर बांधी राखी।

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दिनांक:28/08/2026

रिपोर्ट by: संवादाता मोहसिन खान

बुलन्दशहर जिला कारागार में हर्षोल्लास से मनाया गया रक्षाबंधन, 1532 मुलाकातियों ने बंदी भाइयों की कलाई पर बांधी राखी।

बुलन्दशहर। भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और स्नेह का प्रतीक रक्षाबंधन का पावन पर्व शुक्रवार, 28 अगस्त 2026 को जिला कारागार बुलन्दशहर में भी पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। पर्व के दौरान बड़ी संख्या में बहनें अपने बंदी भाइयों से मिलने के लिए कारागार पहुंचीं और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उनकी कलाई पर राखी बांधकर रक्षाबंधन का पर्व मनाया।रक्षाबंधन को लेकर जिला कारागार प्रशासन की ओर से पहले से ही विशेष तैयारियां की गई थीं। कारागार के बाहर मुलाकातियों की सुविधा और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए टेंट, कुर्सियों तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का इंतजाम किया गया। पुलिस प्रशासन और कारागार प्रशासन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने मिलकर व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में सहयोग किया।कारागार के बाहर आने वाले मुलाकातियों के लिए शीतल पेयजल और मिष्ठान सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। मुलाकातियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए कारागार के बाहर हेल्प डेस्क भी संचालित किया गया, जहां लोगों को आवश्यक जानकारी और सहायता उपलब्ध कराई गई।

वहीं, कारागार परिसर के अंदर भी रक्षाबंधन को लेकर विशेष व्यवस्था की गई। प्रशासन की ओर से राखी, मिष्ठान, अक्षत, रोली, दीपक और थाली आदि की व्यवस्था की गई। गर्मी को देखते हुए मुलाकातियों के लिए ठंडे पेयजल के साथ पंखों और बैठने की उचित व्यवस्था भी की गई।रक्षाबंधन के दौरान कारागार परिसर में उत्सव जैसा माहौल नजर आया। रक्षाबंधन के गीतों और संगीत के बीच बहनों ने अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाया, उनकी कलाई पर राखी बांधी और मिष्ठान खिलाकर भाई-बहन के रिश्ते की खुशियां साझा कीं। कई बहनों ने पारंपरिक रूप से आरती कर अपने भाइयों के सुखी और सुरक्षित जीवन की कामना भी की।कारागार प्रशासन के अनुसार, इस अवसर पर कुल 1532 मुलाकाती अपने परिजनों से मिलने के लिए जिला कारागार पहुंचे। इनमें 1271 महिलाएं, 7 पुरुष और 254 बच्चे शामिल रहे। इन मुलाकातियों ने कारागार में निरुद्ध 680 पुरुष एवं 5 महिला बंदियों से मुलाकात की।रक्षाबंधन के अवसर पर महिला अहाते में निरुद्ध उन महिलाओं और बहनों के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई, जिनके भाई स्वयं कारागार में निरुद्ध हैं। उनके लिए अलग से प्रातःकाल का समय निर्धारित कर रक्षाबंधन मनाने की व्यवस्था की गई, ताकि वे भी अपने भाई-बहन के रिश्ते की इस महत्वपूर्ण परंपरा को निभा सकें।

बड़ी संख्या में मुलाकातियों के पहुंचने के बावजूद कारागार प्रशासन की ओर से व्यवस्थाओं को व्यवस्थित रखने पर विशेष ध्यान दिया गया। सुरक्षा, बैठने, पेयजल और मुलाकात से संबंधित व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासनिक स्तर पर समन्वय बनाए रखा गया।रक्षाबंधन के पर्व पर जिला कारागार प्रशासन की ओर से की गई व्यवस्थाओं की मुलाकातियों ने सराहना की। लोगों ने कहा कि पर्व के दौरान आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होने से उन्हें अपने परिजनों से मुलाकात करने में सहूलियत मिली।इस तरह जिला कारागार बुलन्दशहर में रक्षाबंधन का पर्व शांतिपूर्ण वातावरण, आपसी स्नेह और हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। कारागार की चारदीवारी के बीच भी भाई-बहन के पवित्र रिश्ते की भावनाएं देखने को मिलीं और बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर इस पर्व की परंपरा को जीवंत रखा।

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