गर्मी से हाहाकार:कानपुर मंडल में 26 समेत पूरे यूपी में 50 लोगों की गई जान प्रदेश के चार शहरों समेत दिल्ली में पारे ने सारे रिकॉर्ड तोड़े दिल्ली में पारा 52.3 डिग्री बांदा 49 डिग्री तापमान में झुलसा।
लखनऊ/नई दिल्ली। उतरते-उतरते भी नौतपा के ताप ने उत्तर प्रदेश में चार स्थानों और दिल्ली में गर्मी के पिछले सारे रिकार्ड ध्वस्त कर दिये प्रचंड ग्रीष्म लहर में हीट स्ट्रोक से यूपी में बुधवार को 50 लोगों की मौत हो गई। हालांकि प्रशासन ने गर्मी से मौत होने का इनकार किया। दिल्ली के मुंगेशपुर में पारा 52.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। यह राष्ट्रीय राजधानी में अब तक का सबसे अधिक तापमान है।प्रचंड गर्मी में यूपी में सबसे अधिक 26 मौतें कानपुर मंडल में हुई हैं। यहां महोबा में सात, हमीरपुर में छह, फतेहपुर में तीन, चित्रकूट, कानपुर और कानपुर देहात, उरई में दो-दो और बांदा व हरदोई में एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई। इसके अलावा वाराणसी में आठ, प्रयागराज में पांच, प्रतापगढ़ में चार, कौशाम्बी में एक, बहराइच में दो ,आगरा और बदायूं में एक-एक व्यक्ति की मौत ग्रीष्म लहर में हो गई। बांदा प्रदेश में सबसे गर्म रहा। यहां तापमान 49 डिग्री के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। चित्रकूट के राजापुर और हमीरपुर में 50 से अधिक चमगादड़ मर गए, जबकि हरदोई और हमीरपुर में मोर भी मरे। देर शाम औरैया और हमीरपुर में आंधी संग बूंदाबादी ने गर्मी से राहत दी तो उरई में तेज हवाओं से कुछ सुकून मिला।
चार जगह पर गर्मी ने तोड़े पिछले सारे रिकार्ड
आंचलिक मौसम विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार प्रयागराज, फुर्सतगंज, सुल्तानपुर और कानपुर शहर में बुधवार को दर्ज हुआ दिन का तापमान, इससे पहले मई में कभी भी दर्ज नहीं हुआ। बुधवार को प्रयागराज में दिन का तापमान 48.8, कानपुर एयरफोर्स स्टेशन पर 48.4, सुल्तानपुर में 46 और फुर्सतगंज में 47.2 डिग्री सेल्सियस तापमान इससे पहले मई के महीने में कभी भी दर्ज नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि प्रयागराज यानि तत्कालीन इलाहाबाद में इससे पहले 6 जून 1979 को दिन का तापमान 48.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ था। उधर बिहार के विभिन्न जिलों में कई विद्यार्थियों के बेहोश होने पर सरकार ने सभी निजी और सरकारी स्कूलों, कोचिंग संस्थानों को बंद कर दिया है।
हटा गर्मी का रेड अलर्ट मिलेगी राहत।
यूपी के मौसमी परिदृश्य से गर्मी का रेड अलर्ट हट गया है। मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार अगले दो दिनों में गर्मी से बेहाल जनजीवन को राहत मिलना शुरू हो जाएगी। गुरुवार को पश्चिमी यूपी के लिए गर्मी का यलो अलर्ट जारी हुआ है यानि पश्चिमी यूपी में लू चलने के आसार हैं। 31 मई को पश्चिमी यूपी में लू चल सकती है जबकि पूर्वी यूपी में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी के आसार हैं। एक और दो जून को बारिश
क्या है नौतपा
नौतपा अवधि में सूर्य की किरणें सीधे पृथ्वी पर पड़ती हैं और लोगों को तेज धूप का सामना करना पड़ता है। मई के दूसरे पखवारे में पड़ने वाली तेज गर्मी के नौ दिन की अवधि को नौतपा कहा जाता है।
केरल में मानसून 24 से 48 घंटे में संभव
राष्ट्रीय मौसम विज्ञान केंद्र से खबर है कि अगले 24 से 48 घंटों में दक्षिणी पश्चिमी मानसून केरल के तट पर आने के पूरे आसार बने हुए हैं। इसके बाद यह दक्षिणी-पश्चिमी और मध्य बंगाल की खाड़ी में सेट होगा। मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार यूपीमें बंगाल की खाड़ी से चलने वाली मानसून की शाखा ही बारिश देती हैं। उत्तर पूर्व में इसके आगे बढ़ने पर उड़ीसा से बिहार, यूपी में दाखिल होने की सामान्य प्रक्रिया है।
बुधवार को कहां कितना रहा तापमान (डिग्री से)
स्थान तापमान
बांदा 49.0
प्रयागराज 48.8
आगरा 48.0
कानपुर 48.4
सोनभद्र 48.3
वाराणसी 47.4
झांसी 47.5
स्थान तापमान
भदोही 47.5
फतेहपुर 47.6
मथुरा 47.7
फुर्सतगंज 47.2
आजमगढ 46.1
बागपत 45.9
बहराइच 45.0
राह चलते गिर रहे लोग दरोगा समेत पांच ने दम तोड़ा
कचहरी की सुरक्षा ड्यूटी में जा रहे दरोगा की टूटी सांस
जिले के अलग-अलग हिस्सों में चार अन्य लोगों की टूटी सांस
भीषण गर्मी दूसरे दिन भी जानलेवा साबित हुई। इस गर्मी में बुधवार सुबह ड्यूटी पर जा रहे एक दरोगा डीएम कार्यालय के सामने गश खाकर गिर गए। उन्हें तत्काल बेली अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन उनकी सांसें थम चुकी थीं।झांसी जिले के उल्दन निवासी 56 वर्षीय रणकेंद्र सिंह 1987 में यूपी पुलिस का हिस्सा बने थे। उनका बांदा से जनवरी 2024 में प्रयागराज ट्रांसफर हुआ था। उनकी तैनाती धूमनगंज थाने में थी। वर्तमान में जिला कचहरी की सुरक्षा में उनकी ड्यूटी लगी थी। धूमनगंज की बैरक में वह रहते थे।रणकेंद्र बुधवार को कचहरी ड्यूटी पर जा रहे थे। कलक्ट्रेट के सामने से वह पैदल ही जा रहे थे। सुबह करीब साढ़े नौ बजे अचानक गश खाकर वह सड़क पर गिर गए। अचेत दरोगा को देखकर वहां भीड़ लग गई। 112 नंबर की पुलिस पहुंची और दरोगा को लेकर बेली अस्पताल पहुंची। बेली में डॉक्टर ने जांच की लेकिन उनकी सांसें थम चुकी थी। हल्ला मचा कि गर्मी के कारण हीट स्ट्रोक के शिकार हो गए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। रणकेंद्र सिंह परिवार में पत्नी अनीता, तीन बेटे अंकित, गोलू और छोटू को पीछे छोड़ गए हैं। अंकित रेलवे में नौकरी करता है। पुलिस लाइन में उनको सलामी दी गई।इसी तरह हंडिया के बरौत बाजार जा रहे 60 वर्षीय बुजुर्ग मोहम्मद नसीर की बीच रास्ते में हीट स्ट्रोक से हालत खराब हो गई। वह जमीन पर गिर पड़े और कुछ ही देर में उनकी सांस टूट गई। सैदाबाद में 70 वर्षीय शैल शुक्ला की भी सुबह 11 बजे अचानक तबीयत बिगड़ गई। उन्हें चक्कर आने की शिकायत हुई। परिजनों ने हनुमानगंज के अस्पताल में भर्ती कराया जहां शाम चार बजे शैल शुक्ला की मौत हो गई। सिविल लाइंस हनुमान मंदिर में काम करने वाले एक सफाई कर्मी की बुधवार शाम सांसें थम गईं। बताया जा रहा है कि 58 वर्षीय सुरेश मिश्र लालगंज, प्रतापगढ़ के रहने वाले थे। बुधवार दोपहर में अचानक तबीयत खराब हो गई। साथी उनको लेकर एसआरएन अस्पताल पहुंचे जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं नैनी में अरैल मोड़ के पास स्थित एक अपार्टमेंट के पास बुधवार शाम एक युवक पड़ा मिला। स्थानीय लोगों ने उसे उठाने का प्रयास किया लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने उसकी शिनाख्त कराने की कोशिश की, लेकिन कोई उसे पहचान नहीं सका। आशंका जताई गई कि युवक की मौत गर्मी से हुई है।
*पैन सत्यापन के बिना डाकघर में निवेश नहीं*
*विभाग ने विभिन्न योजनाओं में विवरण देना अनिवार्य किया था*
नई दिल्ली, एजेंसी। पिछले साल एक अप्रैल से डाकघर की योजनाओं में निवेश करने के लिए पैन और आधार का विवरण देना अनिवार्य कर दिया गया था। ताजा जानकारी के अनुसार डाक विभाग निवेशक के पैन की सत्यता का आयकर विभाग के डाटा से मिलान कर फिर से सत्यापित करेगा।इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि निवेश का पैन और आधार आपस में लिंक हों। इसके अलावा निवेशक ने डाक विभाग की योजना के लिए जो नाम और जन्मतिथि के विवरण दिए हैं, वह सही हैं या नहीं। अगर कोई गड़बड़ी मिलती है तो निवेशक इन योजनाओं में निवेश नहीं कर पाएंगे।
*सत्यापन की प्रणाली में संशोधन*
पैन सत्यापन प्रणाली प्रोटीन ई-गर्व टेक्नोलॉजीज के सिस्टम के साथ जुड़ी हुई है। इसे पहले एनएसडीएल के नाम से जाना जाता था। इससे मिली प्रतिक्रिया के आधार पर पैन को मान्य किया जाता है। पीपीएफ, एनएससी और अन्य छोटी बचत योजनाओं के लिए पैन, आधार अनिवार्य है। सात मई को जारी डाक विभाग की एक अधिसूचना में कहा गया है कि पैन सत्यापन से संबंधित प्रोटीन प्रणाली को एक मई, 2024 को संशोधित किया गया है।
*ये नुकसान होंगे*
आपका पैन अब कर संबंधी कार्यों के लिए वैध नहीं होगा। अगर आपका पैन निष्क्रिय हो जाता है, तो लंबित टैक्स बकाया और उस पर ब्याज जारी नहीं किया जाएगा। वहीं उच्चदर पर स्रोत पर कर की कटौती होगी। अगर पैन आधार से जुड़ा नहीं है, तो लेन-देन करते समय उस पर लागू दर से दोगुनी दर पर टीडीएस काटा जाएगा।
*इतने पैन कार्ड हुए निष्क्रिय*
आंकड़ों के मुताबिक, पिछले वर्ष यानी साल 2023 में करीब 12 करोड़ पैन कार्ड आधार कार्ड से लिंक नहीं होने की वजह से निष्क्रिय हो गए थे। अगर आपका पैन कार्ड आधार से लिंक नहीं है, तो आप बैंक से जुड़ा कोई काम नहीं कर पाएंगे, क्योंकि बैंक के लगभग सभी कामों के लिए पैन कार्ड की जरूरत पड़ती है।
*निवेशकों के पास आखिरी मौका*
अगर आपने अभी तक भी अपना पैन कार्ड आधार से लिंक नहीं कराया है, तो इसे फटाफट करा लें। ऐसे लोग जो 30 जून, 2023 की समयसीमा तक पैन-आधार लिंक नहीं करा सके हैं उन पर पेनल्टी लगाने की समयसीमा में आयकर विभाग ने ढील दी है। आयकर विभाग के मुताबिक, 31 मई तक आधार के साथ पैन को लिंक करा लेने पर टीडीएस की कम कटौती के लिए कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। आयकर नियमों के अनुसार करदाता को अपने पैन को अपने आधार नंबर के साथ लिंक करना होता है। अगर ये दोनों लिंक नहीं होते तो लागू दर से दोगुनी दर पर टीडीएस काटा जाना जरूरी है।
*विश्वविद्यालयी सम-सेमेस्टर परीक्षाओं पर गहराए संकट के बादल*
*अवध विश्वविद्यालय की आवासीय परीक्षाओं को लेकर भी विवि शिक्षक संघ मैदान में आया*
*शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ ने भी दिया समर्थन, परीक्षाएं 31 मई से शुरू होंगी*
अयोध्या, संवाददाता। विश्वविद्यालयी परीक्षाओं को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन व साकेत महाविद्यालय शिक्षक संघ आमने-सामने आ चुका है। इसके चलते दूसरे कॉलेजों में इसका प्रभाव दिखने लगा है। साकेत महाविद्यालय से परीक्षाओं के स्थगन की उठी मांग की आंच विश्वविद्यालय आवासीय परिसर में भी पहुंच गयी है। इससे विश्वविद्यालयी सम-सेमेस्टर परीक्षाओं पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। परीक्षाएं 31 मई शुक्रवार से शुरू होंगी। दूसरी ओर विश्वविद्यालय प्रशासन का अड़ियल रवैया बरकरार है। विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक उमानाथ ने बुधवार को निर्गत पत्र में साकेत महाविद्यालय प्राचार्य प्रो. डॉ. अभय कुमार सिंह की अनुपस्थिति में केंद्राध्यक्ष नामित प्रो. डॉ. अनिल कुमार सिंह को भी उनके दायित्व से हटा दिया है। बताया गया कि डा. सिंह के स्थान पर विश्वविद्यालय की ओर से वाणिज्य विभाग के वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. अशोक कुमार मिश्र को केंद्राध्यक्ष नामित किया गया और महाविद्यालय प्रबंध कमेटी के अध्यक्ष दीप कृष्ण वर्मा के माध्यम से प्रेषित किया गया। इस बीच जानकारी मिली कि प्रो. मिश्र ने भी 31 मई से प्रस्तावित परीक्षा कराने से हाथ खड़ा कर दिया है। उधर बताया गया कि विवि आवासीय परिसर की परीक्षाओं को भी स्थगित करने की मांग के समर्थन में विश्वविद्यालय शिक्षक संघ भी खुलकर मैदान में आ गया है। वहीं साकेत महाविद्यालय शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ ने भी महाविद्यालय शिक्षक संघ को समर्थन देते हुए परीक्षाओं के बहिष्कार की योजना तय की है।
*परीक्षा कराने से शिक्षकों ने किनारा कसा*
अवध विश्वविद्यालय से सम्बद्व अनुदानित महाविद्यालय एवं स्व-वित्तपोषित महाविद्यालय के शिक्षकों ने स्नातक एवं परास्नातक सम-सेमेस्टर की 31 मई से शुरू हो रही परीक्षा कराने से किनारा कस लिया है। अवध विवि-महाविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रो. विजय प्रताप सिंह एवं महामंत्री प्रो. जितेन्द्र सिंह के नेतृत्व में शिक्षकों ने परिसर स्थित शिक्षक संघ भवन पर प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने विवि प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और ग्रीष्मावकाश में परीक्षा का बहिष्कार किया। प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों का कहना था कि 12 मई को विवि से सम्बद्ध महाविद्यालयों के शिक्षकों की आम सभा के परीक्षा बहिष्कार के निर्णय के बावजूद कुलपति प्रो. प्रतिभा गोयल ने 18 मई को 31 मई से परीक्षा कराने की समय सारणी जारी कर दी। परीक्षा समिति के एजेंडे में आगामी परीक्षा को न रखकर परीक्षा समिति भी करा दी गई। परीक्षा समिति में संघ के सदस्यों को कुलपति की अनुमति से इस विषय पर वार्ता की भी अनुमति नहीं दी गई। शिक्षकों ने कुलपति पर मनमानी एवं तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा कि मौसम विभाग द्वारा हीट वेव में अलर्ट जारी किया गया है।
*बिहार में लू से 150 से ज्यादा छात्र गश खाकर गिरे*
*भीषण गर्मी से औरंगाबाद और रोहतास में दो लोगों की जान गई*
*राज्य के सभी स्कूल और कोचिंग आठ जून तक बंद*
पटना,हिन्दुस्तान ब्यूरो। बिहार में भीषण गर्मी और लू से 150 से ज्यादा छात्र बेहोश हो गए। इलाज के लिए उन्हें अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ा। गर्मी को देखते हुए राज्य के सभी स्कूल आठ जून तक बंद कर दिए गए हैं। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद बुधवार को स्कूली बच्चों और शिक्षकों को राहत मिली है।पूर्वी बिहार और उत्तर बिहार में तीखी धूप व गर्मी ने आमजन को बेहाल कर दिया। बिहारशरीफ में सड़क पर ड्यूटी दे रही एक महिला सिपाही भी गर्मी में गश खाकर गिर पड़ी। वहीं, रोहतास और औरंगाबाद में एक-एक बुजुर्ग की मौत हो गई। एक छात्र और अन्य की लू लगने से मौत की आशंका है। गर्मी का कहर सबसे ज्यादा स्कूली बच्चों पर टूटा है। डॉक्टरों का कहना है कि सुबह खाली पेट स्कूल आने और गर्मी की वजह से बच्चों, शिक्षक और शिक्षिकाओं की तबीयत बिगड़ी।सासाराम में लू लगने से एक छात्र और वृद्ध की मौत हो गई। सारण जिले में 50 से अधिक स्कूली बच्चे बीमार पड़ चुके हैं। औरंगाबाद में एक शिक्षिका और चार स्कूली बच्चों की तबीयत बिगड़ी। बेगूसराय में 33 बच्चे बेहोश हो गए। भोजपुर में भी दो शिक्षिकाएं व पांच विद्यार्थी बेहोश हुए। बिहारशरीफ में 18 बच्चे और दो महिला सिपाही बेहोश हो गईं। जमुई, लखीसराय और मुंगेर में 100 से अधिक बच्चे बेहोश हो गए। सुपौल जिले में बुधवार को अधिकतम तापमान 38 तो मधेपुरा में 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
*विजयवाड़ा अधिक देर तक गर्म*
रिपोर्ट के अनुसार, भारत के 10 बड़े शहरों में मई 2024 में 100 घंटे से अधिक उच्च गर्मी का स्तर रहा। इसमें विजयवाड़ा में सबसे ज्यादा 196 घंटे तक गर्मी महसूस की गई। वहीं कोलकाता में 126 घंटे, मुंबई में 104 घंटे तक उच्च ताप का स्तर रहा। इसके अलावा सूरत, वड़ोदरा और अहमदाबाद में भी कमोबेश यही हालात रहे।
एक साल में बढ़ गया तापमान
पिछले साल मई में जिन शहरों में गर्मी का तनाव 10 से 30 घंटे तक था, वह इस साल मई में 100 घंटे से अधिक हो गया है।
कई शहरों में 100 घंटे तक झुलसाने वाली गर्मी
इस साल मई में गर्मी का तापमान 2023 की मई की तुलना में काफी बढ़ गया है। क्लाइमेट टेक स्टार्टअप रेस्पायरर लिविंग साइंसेज के आंकड़ों के अनुसार, देश के सबसे बड़े शहरों में मई में 100 घंटे से अधिक गर्मी का तनाव देखा गया। चुनावी मौसम के बीच 65 मिलियन से अधिक आबादी वाले शहरों में गर्मी और आर्द्रता उच्च स्तर पर रही।
स्टार भारत न्यूज़ 24 की खास रिपोर्ट।




