दिनांक:03/01/2026
रिपोर्ट by: संवादाता मोहसिन खान
ब्रेल दिवस पर बुलंदशहर में दिव्यांग बच्चों की मुस्कान, कृष्णा फाउंडेशन में सांस्कृतिक कार्यक्रम व कंबल वितरण।
बुलंदशहर। ब्रेल दिवस के अवसर पर जनपद स्थित कृष्णा फाउंडेशन पुनर्वास केन्द्र में दिव्यांग बच्चों द्वारा भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के बाद सर्दी से बचाव के लिए 120 दिव्यांगजनों को कंबल वितरित किए गए। आयोजन का उद्देश्य दिव्यांग बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना रहा।कार्यक्रम के दौरान कृष्णा फाउंडेशन के सचिव पुष्पेंद्र नागर जी ने दिव्यांगजनों के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संस्था शिक्षा, पुनर्वास और कौशल विकास के माध्यम से दिव्यांग बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

पुनर्वास विशेषज्ञ रॉबिन नागर जी ने कहा कि दिव्यांग बालक-बालिकाओं को सही मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और सकारात्मक वातावरण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि कृष्णा फाउंडेशन बच्चों की छिपी प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर प्रदान कर रहा है।जिला दिव्यांग सशक्तीकरण अधिकारी मानवेंद्र जी ने कहा कि कृष्णा फाउंडेशन जनपद बुलंदशहर में दिव्यांगजनों के उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और सरकार की योजनाओं को जरूरतमंदों तक पहुंचाने में सहयोग कर रहा है।

इस अवसर पर संरक्षक राजा सेफी के सौजन्य से सभी दिव्यांगजनों के लिए कंबल वितरण एवं भोजन की व्यवस्था की गई। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित एएसपी रिजुल जी ने दिव्यांगजनों से संवाद किया और उन्हें आश्वस्त किया कि किसी भी समस्या में प्रशासन हमेशा उनके साथ खड़ा है।संरक्षक राजा सेफी ने कहा कि संस्था दिव्यांगजनों, वृद्धों, अनाथों और सभी जरूरतमंदों के साथ सदैव खड़ी है। उन्होंने अपील की कि शिक्षा या पुनर्वास से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए लोग फाउंडेशन से संपर्क करें। वहीं मनोज गुर्जर जी ने कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को मिलकर दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए कार्य करना चाहिए।

कृष्णा फाउंडेशन की सदस्य चिन्तन चौधरी ने कहा कि इन बच्चों के साथ समय बिताना अत्यंत सुखद अनुभव होता है। सभी बच्चों में अलग-अलग प्रतिभाएं हैं, जिन्हें सही दिशा देकर आगे बढ़ाया जा रहा है।कार्यक्रम में स्वामी परमदेव महाराज जी, राजेंद्र अग्रवाल जी, फईम जी, प्रकाशवीर सहित सैकड़ों दिव्यांगजन उपस्थित रहे। पूरे आयोजन में सेवा, संवेदना और आत्मनिर्भरता का संदेश स्पष्ट रूप से देखने को मिला।




