दिनांक:24/04/2026
रिपोर्ट by: संवादाता इस्तेकार चौधरी
हापुड़ में भट्ठा ठेकेदार पर कर्मचारियों से मारपीट का आरोप, महिला समेत तीन घायल।
जनपद हापुड़ के कोतवाली पिलखुवा क्षेत्र के ग्राम सिखेड़ा में एक गंभीर घटना सामने आई है, जिसने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी। यहां एक भट्ठा ठेकेदार पर अपने ही कर्मचारियों के साथ मारपीट करने का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि किसी बात को लेकर हुए विवाद के बाद ठेकेदार ने अपना आपा खो दिया और कर्मचारियों पर हमला कर दिया। इस घटना में एक महिला सहित तीन लोग घायल हो गए, जिनका उपचार नजदीकी अस्पताल में जारी है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना अचानक उस समय हुई जब भट्ठे पर काम कर रहे कर्मचारियों और ठेकेदार के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और ठेकेदार ने कथित रूप से कर्मचारियों के साथ हाथापाई शुरू कर दी। आरोप है कि उसने बेरहमी से मारपीट की, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई।

घटना के बाद स्थानीय ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और घायलों को बचाकर पास के अस्पताल पहुंचाया। घायलों में एक महिला भी शामिल है, जिसकी हालत को लेकर परिजनों में चिंता का माहौल बना हुआ है। चिकित्सकों के अनुसार, सभी घायलों का इलाज जारी है और उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।पीड़ित पक्ष ने ठेकेदार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उसने न केवल मारपीट की, बल्कि दबंगई दिखाते हुए धमकियां भी दीं। पीड़ितों का कहना है कि वे लंबे समय से भट्ठे पर काम कर रहे थे, लेकिन इस तरह की घटना ने उन्हें दहशत में डाल दिया है। उन्होंने प्रशासन से न्याय की मांग करते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील की है।

सूचना मिलते ही कोतवाली पिलखुवा पुलिस मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। पुलिस ने प्राथमिक जांच शुरू कर दी है और संबंधित पक्षों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी तक इस मामले में तहरीर का इंतजार किया जा रहा है। तहरीर मिलने के बाद आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

घटना के बाद ग्राम सिखेड़ा और आसपास के क्षेत्रों में आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में इस तरह की घटनाएं कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं और प्रशासन को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लिया जा रहा है। आने वाले समय में जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद की असली वजह क्या थी और इस घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे। वहीं पीड़ित पक्ष न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है और पूरे क्षेत्र की नजर अब प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है।



