दिनांक:06/05/2026
रिपोर्ट by: संवादाता इस्तेकार चौधरी
टाइम्स बिज़नेस अवॉर्ड 2026: सामुदायिक सेवा में उत्कृष्ट योगदान के लिए रम्या रामचंद्रन सम्मानित।
नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य समारोह में सामुदायिक कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली रम्या रामचंद्रन को टाइम्स बिज़नेस अवॉर्ड 2026 से सम्मानित किया गया। उन्हें “आउटस्टैंडिंग कंट्रीब्यूशन टू कम्युनिटी वेलफेयर” श्रेणी में यह सम्मान प्रदान किया गया। कार्यक्रम में प्रसिद्ध अभिनेत्री उर्मिला मातोंडकर ने उन्हें सम्मानित किया, जिससे यह उपलब्धि और खास बन गई।रम्या रामचंद्रन, श्री अय्यनार एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट की मैनेजिंग ट्रस्टी और सरस्वती ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स की उपाध्यक्ष हैं। उन्होंने पिछले कुछ वर्षों में समाज के वंचित और जरूरतमंद वर्गों के लिए कई संगठित और प्रभावी पहलें शुरू की हैं, जिनका असर देश के अलग-अलग हिस्सों में देखा जा रहा है।
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उनकी प्रमुख पहल “अशाथी अन्नदान योजना” के तहत उत्तर प्रदेश, पुडुचेरी और तमिलनाडु के विभिन्न क्षेत्रों में सामुदायिक रसोईयों का संचालन किया जा रहा है। यह पहल अप्रैल 2024 से लगातार चल रही है, जिसके माध्यम से प्रतिदिन सैकड़ों लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। अब तक लाखों भोजन वितरित किए जा चुके हैं और बड़ी संख्या में लोगों के जीवन को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया गया है।इसके साथ ही, उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को भी इस पहल से जोड़ा है। पिछले दो वर्षों में आयोजित 90 से अधिक निःशुल्क स्वास्थ्य शिविरों के जरिए हजारों लोगों को पहली बार चिकित्सा सुविधाओं तक पहुंच मिली है। शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा है, जहां उनके संस्थान के माध्यम से हर वर्ष सैकड़ों छात्र-छात्राएं चिकित्सा और पैरामेडिकल शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।ग्रामीण विकास के क्षेत्र में भी उनके प्रयास उल्लेखनीय हैं। एक गांव को गोद लेकर उसके समग्र विकास की दिशा में काम करना, महिला सशक्तिकरण, छात्रवृत्ति और साक्षरता जैसे कार्यक्रम उनके सामाजिक दृष्टिकोण को दर्शाते हैं।

इससे पहले भी उनके कार्यों को कई राष्ट्रीय मंचों पर सराहा जा चुका है। वर्ष 2025 में उन्हें विभिन्न प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाज़ा गया, जो उनके निरंतर सेवा भाव और नेतृत्व क्षमता का प्रमाण है।इस अवसर पर रम्या रामचंद्रन ने कहा कि यह सम्मान उनकी पूरी टीम और उन सभी लोगों का है जो इस यात्रा का हिस्सा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हर भोजन केवल जरूरत नहीं, बल्कि सम्मान और आशा का प्रतीक है, और यही सोच उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है।



स्टार भारत न्यूज़ 24 की रिपोर्ट



