तालाब की जमीन पर कार्रवाई से गरमाया नंगौला, सपा नेता की कोठी पर बुलडोजर पहुंचते ही भड़के कार्यकर्ता, पुलिस से तीखी नोकझोंक।

SHARE:

दिनांक:13/05/2026

रिपोर्ट by: संवादाता इस्तेकार चौधरी

तालाब की जमीन पर कार्रवाई से गरमाया नंगौला, सपा नेता की कोठी पर बुलडोजर पहुंचते ही भड़के कार्यकर्ता, पुलिस से तीखी नोकझोंक।

हापुड़ जनपद के गांव अमीपुर नंगौला हैदर नगर में बुधवार को प्रशासनिक कार्रवाई उस समय बड़े विवाद में बदल गई जब तालाब की भूमि पर अवैध कब्जा हटाने के नाम पर बुलडोजर कार्रवाई के दौरान समाजवादी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता विरोध में उतर आए। देखते ही देखते मौके पर भारी हंगामा शुरू हो गया और पुलिस तथा प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक की स्थिति बन गई। पूरे घटनाक्रम के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें कार्यकर्ता बुलडोजर के सामने विरोध करते और पुलिस से बहस करते दिखाई दे रहे हैं।प्रशासन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार ग्राम अमीपुर नंगौला में खसरा संख्या 115, जिसका रकबा 0.0880 हेक्टेयर बताया गया है, राजस्व अभिलेखों में जोहड़ (श्रेणी 6-1) की भूमि दर्ज है। प्रशासन का दावा है कि इस भूमि पर अययूब पुत्र अहमद अली निवासी अमीपुर नंगौला का अवैध कब्जा पाया गया था। इस संबंध में तत्कालीन तहसीलदार न्यायिक हापुड़ द्वारा वर्ष 2014 में बेदखली और जुर्माने के आदेश पारित किए गए थे, जबकि वर्ष 2015 में जिलाधिकारी न्यायालय में दायर निगरानी भी निरस्त कर दी गई थी। प्रशासन का कहना है कि कब्जा हटाने के लिए कई बार नोटिस भी जारी किए गए, लेकिन अतिक्रमण नहीं हटाया गया।

बुधवार सुबह करीब 9 बजे अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) हापुड़ और अपर पुलिस अधीक्षक हापुड़ की मौजूदगी में राजस्व टीम और भारी पुलिस बल के साथ मौके पर कार्रवाई शुरू की गई। जैसे ही समाजवादी पार्टी से जुड़े नेता अयूब सिद्दीकी की कोठी पर बुलडोजर पहुंचने की सूचना फैली, बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता मौके पर इकट्ठा हो गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।सपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय विपक्षी नेताओं और चुनिंदा लोगों को निशाना बना रहा है। प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं का कहना था कि गांव में कई अन्य स्थानों पर भी कब्जे हैं, लेकिन कार्रवाई केवल सपा से जुड़े लोगों के खिलाफ की जा रही है। कुछ कार्यकर्ता सड़क पर बैठ गए, जबकि कई लोग बुलडोजर के सामने लेटकर कार्रवाई रोकने की कोशिश करते दिखाई दिए।

मौके पर स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस, धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूत्रों के अनुसार पुलिस ने विरोध कर रहे कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया, जिसके बाद सपा समर्थकों में और नाराजगी देखने को मिली।समाजवादी पार्टी के नेताओं ने प्रशासनिक कार्रवाई को राजनीतिक दबाव में की जा रही कार्रवाई बताते हुए कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। पार्टी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि इस प्रकार की कार्रवाई जारी रही तो आंदोलन को और बड़ा रूप दिया जाएगा।

वहीं प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह राजस्व अभिलेखों और न्यायालय के आदेशों के आधार पर की गई है तथा सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराने का अभियान आगे भी जारी रहेगा। फिलहाल गांव में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।

स्टार भारत न्यूज़ 24 की रिपोर्ट।