दिनांक:15/05/2026
रिपोर्ट by: संवादाता जगदीश माकन
हापुड़ में सरकारी राशन की कथित कालाबाजारी का मामला, ई-रिक्शा में मिले 10 कट्टे छोड़ चालक फरार।
हापुड़ में एक बार फिर गरीबों के हक पर डाका डालने का कथित मामला सामने आया है। जनपद के कोतवाली नगर क्षेत्र स्थित गढ़ रोड पर उस समय हड़कंप मच गया, जब एक ई-रिक्शा में सरकारी राशन के करीब 10 कट्टे संदिग्ध हालत में ले जाए जाते दिखाई दिए। स्थानीय लोगों की नजर पड़ते ही चालक ई-रिक्शा और राशन के कट्टों को मौके पर छोड़कर फरार हो गया। घटना के बाद इलाके में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया और लोगों ने राशन वितरण व्यवस्था पर सवाल उठाने शुरू कर दिए।जानकारी के अनुसार मामला कोतवाली नगर क्षेत्र के गढ़ रोड स्थित मयूरी चालक कन्हैया पूरा के सामने का बताया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक एक ई-रिक्शा में कई कट्टे भरे हुए थे, जिन पर सरकारी राशन से संबंधित निशान और पैकेजिंग दिखाई दे रही थी। शक होने पर आसपास के लोगों ने पूछताछ करने की कोशिश की, लेकिन चालक अचानक वाहन छोड़कर मौके से भाग निकला।
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मौके पर पड़े राशन के कट्टों को लेकर लोगों में नाराजगी दिखाई दी। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार गरीबों के लिए मुफ्त और सस्ते राशन की योजनाएं चला रही है, लेकिन कुछ लोग इन योजनाओं में सेंध लगाकर जरूरतमंदों का हक बाजार में बेचने का काम कर रहे हैं। लोगों ने आरोप लगाया कि अगर मामले की निष्पक्ष जांच हो तो बड़े स्तर पर कालाबाजारी का खुलासा हो सकता है।सूत्रों के मुताबिक यह राशन तगासराय क्षेत्र के किसी राशन डीलर से जुड़ा हो सकता है। हालांकि अभी तक किसी अधिकारी की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। वहीं घटना की जानकारी मिलने के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। लोगों का कहना है कि अगर सरकारी राशन खुलेआम ई-रिक्शा में इस तरह ले जाया जा रहा था, तो इसमें किसी संगठित नेटवर्क की भूमिका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।इस पूरे मामले में जिला पूर्ति विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। जब जिला सप्लाई अधिकारी से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया तो बताया गया कि वह मीटिंग में व्यस्त हैं। फिलहाल विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर गरीबों के लिए भेजा गया राशन कहां जा रहा है? क्या वास्तव में सरकारी अनाज की कालाबाजारी हो रही है या फिर इसके पीछे कोई और कहानी है? यह जांच का विषय है। स्थानीय लोग मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।फिलहाल मौके पर छोड़े गए राशन के कट्टे और फरार चालक को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है। अगर समय रहते ऐसे मामलों पर सख्ती नहीं हुई तो गरीबों तक पहुंचने वाला सरकारी राशन बीच रास्ते में ही गायब होता रहेगा।



स्टार भारत न्यूज़ 24 की रिपोर्ट।



