दिनांक:02/06/2026
रिपोर्ट by: संवादाता इस्तेकार चौधरी
सिखेड़ा तालाब बना कूड़ाघर, बरसात से पहले सफाई और अतिक्रमण हटाने की उठी मांग।
हापुड़। पिलखुवा क्षेत्र की ग्राम पंचायत सिखेड़ा में स्थित तालाब इन दिनों बदहाल स्थिति का सामना कर रहा है। तालाब परिसर और आसपास के क्षेत्र में फैली गंदगी तथा कूड़े के ढेर ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से सफाई व्यवस्था प्रभावी न होने के कारण तालाब क्षेत्र कूड़ाघर में तब्दील होता जा रहा है, जिससे वातावरण दूषित हो रहा है और बीमारियों का खतरा बढ़ने लगा है।ग्रामीणों के अनुसार तालाब के आसपास नियमित सफाई नहीं होने से बदबू और गंदगी की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। कई बार संबंधित अधिकारियों और ग्राम पंचायत को शिकायतें दी गईं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सफाई अभियान नहीं चलाया गया तो स्थिति और अधिक खराब हो सकती है।

बरसात का मौसम नजदीक आने के साथ ही ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है। उनका कहना है कि तालाब की जल निकासी व्यवस्था प्रभावित होने तथा कई स्थानों पर रास्ते अवरुद्ध होने के कारण वर्षा का पानी जमा होने की आशंका है। इससे गांव के विभिन्न हिस्सों में जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है, जिससे आवागमन प्रभावित होने के साथ-साथ घरों और कृषि भूमि को भी नुकसान पहुंच सकता है।स्थानीय निवासियों ने तालाब की भूमि के आसपास अतिक्रमण की शिकायत भी उठाई है। ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध कब्जों के कारण तालाब का क्षेत्र लगातार कम होता जा रहा है, जिससे उसकी उपयोगिता और अस्तित्व दोनों पर खतरा मंडरा रहा है। उनका कहना है कि तालाब गांव की जल संरक्षण व्यवस्था का महत्वपूर्ण स्रोत है और इसकी अनदेखी भविष्य में गंभीर पर्यावरणीय एवं सामाजिक समस्याएं पैदा कर सकती है।ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि तालाब क्षेत्र की तत्काल सफाई कराई जाए, जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए तथा अतिक्रमण की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि बरसात से पहले संभावित समस्याओं को रोका जा सके और तालाब को उसके मूल स्वरूप में संरक्षित किया जा सके।




स्टार भारत न्यूज़ 24 की रिपोर्ट।




