दिनांक:18/12/2025
रिपोर्ट by: संवादाता इस्तेकार चौधरी
थैलेसीमिया जांच व रक्तदान शिविर का आयोजन, विवाह पूर्व जांच को अनिवार्य करने पर जोर।
जनपद हापुड़ के पिलखुवा क्षेत्र में विवाह से पूर्व जी.एस. विवाह कुंडली के साथ-साथ थैलेसीमिया जांच को अनिवार्य किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। इसी उद्देश्य के तहत रोटरी क्लब जिंदल नगर के तत्वावधान में जी.एस. सुपरस्पेशलिटी अस्पताल, हापुड़ में थैलेसीमिया जांच शिविर एवं थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के लिए रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया।शिविर में संस्थान में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों की समय रहते पहचान कर उन्हें उचित जांच, उपचार एवं विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराना रहा।

शिविर के दौरान बड़ी संख्या में रक्तवीरों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया। रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन करते हुए रोटरी क्लब के पूर्व डिस्ट्रिक्ट गवर्नर रमेश अग्रवाल ने कहा कि थैलेसीमिया एक गंभीर अनुवांशिक रोग है, जिसकी पहचान विवाह से पूर्व होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि थैलेसीमिया मुख्यतः दो प्रकार का होता है—माइनर और मेजर।उन्होंने जानकारी दी कि यदि पुरुष एवं महिला दोनों थैलेसीमिया माइनर हों, तो 25 प्रतिशत संतान के प्रभावित होने की संभावना रहती है, जबकि पुरुष मेजर और महिला सामान्य होने की स्थिति में 50 प्रतिशत तक जोखिम बनता है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि दोनों पति-पत्नी थैलेसीमिया मेजर हों, तो संतान के गंभीर रूप से प्रभावित होने की संभावना लगभग निश्चित हो जाती है।

रक्तदान को महादान बताते हुए उन्होंने कहा कि रक्तदान से शरीर में कोई कमजोरी नहीं आती, बल्कि इससे नए रक्त का निर्माण होता है और शरीर अधिक स्वस्थ रहता है। आपातकालीन परिस्थितियों में किसी भी व्यक्ति को रक्त की आवश्यकता पड़ सकती है, इसलिए समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता अत्यंत जरूरी है।इस अवसर पर दीपक अग्रवाल ने भी रक्तदान को सबसे बड़ा दान बताते हुए लोगों से नियमित रूप से रक्तदान करने की अपील की।शिविर के सफल आयोजन में अस्पताल प्रशासन, रोटरी क्लब के पदाधिकारियों, स्वयंसेवकों एवं छात्र-छात्राओं का सराहनीय योगदान रहा। आयोजन के माध्यम से थैलेसीमिया के प्रति जागरूकता बढ़ाने और रक्तदान को प्रोत्साहित करने का संदेश दिया गया।





