दिनांक:18/04/2026
रिपोर्ट by: संवादाता इस्तेकार चौधरी
पिलखुवा में वेयरहाउस कर्मचारियों का उबाल: वेतन वृद्धि की मांग को लेकर सैकड़ों कर्मचारियों का शांतिपूर्ण धरना, प्रशासन से वार्ता जारी।
हापुड़ जनपद के पिलखुवा क्षेत्र में शनिवार को रिलायंस रोड स्थित एक वेयरहाउस के बाहर उस समय हलचल मच गई, जब सैकड़ों की संख्या में कर्मचारियों ने वेतन वृद्धि की मांग को लेकर जोरदार धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। सुबह से ही कर्मचारी वेयरहाउस के मुख्य गेट पर एकत्र होने लगे और देखते ही देखते बड़ी भीड़ में तब्दील हो गए। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की और प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की।

धरने में केवल पुरुष कर्मचारी ही नहीं, बल्कि महिला कर्मचारी और युवतियां भी बड़ी संख्या में शामिल रहीं। सभी ने एकजुट होकर गेट के बाहर बैठकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराया। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से उनके वेतन में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है, जबकि महंगाई लगातार बढ़ रही है। ऐसे में मौजूदा वेतन में गुजारा करना उनके लिए मुश्किल होता जा रहा है, जिससे वे आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।बताया जा रहा है कि वेयरहाउस में एक शिफ्ट में करीब 500 कर्मचारी काम करते हैं, जबकि दो शिफ्टों में यह संख्या लगभग 1000 तक पहुंच जाती है। इतने बड़े स्तर पर कर्मचारियों के एक साथ विरोध में उतरने से वेयरहाउस प्रबंधन में हड़कंप की स्थिति बन गई और कामकाज पर असर पड़ने की आशंका भी जताई जाने लगी।

प्रदर्शन की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने स्थिति को संभालते हुए कर्मचारियों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। काफी देर तक चली वार्ता के दौरान कर्मचारियों ने अपनी मांगों को स्पष्ट रूप से रखा और कहा कि वेतन वृद्धि उनके लिए बेहद जरूरी है।हालांकि प्रशासन ने कर्मचारियों को भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों को वेयरहाउस प्रबंधन तक पहुंचाया जाएगा और जल्द से जल्द समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा, लेकिन कर्मचारी अपने रुख पर कायम नजर आए। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस और सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

इस पूरे घटनाक्रम के चलते पिलखुवा क्षेत्र में दिनभर चर्चा का माहौल बना रहा। स्थानीय लोगों की नजरें भी इस मामले पर टिकी रहीं, वहीं वेयरहाउस के कामकाज पर इसका असर पड़ने की संभावना लगातार बनी हुई है। अब देखना होगा कि कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच चल रही यह तनातनी किस दिशा में जाती है और क्या जल्द कोई समाधान निकल पाता है या नहीं।



