दिनांक:17/12/2025
रिपोर्ट by: संवादाता जगदीश माकन
भाकियू अराजनैतिक ने तथाकथित किसान संगठनों में आपराधिक तत्वों की सक्रियता पर जताई चिंता, मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
हापुड़।भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के जिला अध्यक्ष चौधरी पवन हूण गुर्जर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसानों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा। ज्ञापन में कुछ तथाकथित किसान संगठनों में आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों की सक्रियता को लेकर गहरी चिंता जताते हुए उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की गई है।

ज्ञापन में भाकियू अराजनैतिक ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सशक्त एवं कठोर नेतृत्व में प्रदेश की कानून-व्यवस्था में अभूतपूर्व सुधार हुआ है। आमजन स्वयं को सुरक्षित महसूस कर रहा है और अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है। इसके बावजूद वर्तमान समय में कुछ तथाकथित किसान संगठनों में आपराधिक पृष्ठभूमि के व्यक्ति सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं, जो किसान हितों की आड़ में अवैध गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं।

भाकियू अराजनैतिक का आरोप है कि ऐसे लोग व्यापारियों से अवैध धन उगाही, गरीबों की भूमि पर कब्जा, टोल प्लाजा पर अव्यवस्था फैलाने तथा अनावश्यक धरना-प्रदर्शन कर पुलिस एवं प्रशासन पर दबाव बनाने जैसे कृत्यों में संलिप्त पाए जा रहे हैं। इस प्रकार की गतिविधियाँ न केवल कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती हैं, बल्कि वास्तविक किसानों, व्यापारियों और विकास कार्यों के लिए भी गंभीर रूप से हानिकारक हैं।

ज्ञापन में यह भी कहा गया कि कुछ संगठन युवाओं को भ्रमित कर उन्हें गलत दिशा में ले जा रहे हैं, जिससे समाज में अनुशासनहीनता और अराजकता को बढ़ावा मिल रहा है। इससे किसान आंदोलन की गरिमा भी प्रभावित हो रही है।
ज्ञापन के माध्यम से प्रमुख मांगें
1. ऐसे तथाकथित किसान संगठनों एवं उनके पदाधिकारियों की गहन जांच कराई जाए।
2. जिन व्यक्तियों का आपराधिक इतिहास पाया जाए, उन्हें चिन्हित कर उनके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाए।
3. किसान संगठनों की आड़ में होने वाली अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जाए, ताकि किसान आंदोलन की गरिमा बनी रहे और प्रदेश में शांति एवं विकास का वातावरण कायम रह सके।भाकियू अराजनैतिक ने प्रशासन से मांग की कि इस गंभीर विषय पर शीघ्र संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाए, जिससे वास्तविक किसानों का हित सुरक्षित रह सके।





