दिनांक:22/12/2025
रिपोर्ट by: संवादाता इस्तेकार चौधरी
हापुड़ के गाँव सिखेड़ा में बंदरों का बढ़ता आतंक, ग्रामीणों में दहशत का माहौल।
हापुड़ उत्तर प्रदेश के जनपद हापुड़ से एक गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आ रहा है। थाना पिलखुवा कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गाँव सिखेड़ा में इन दिनों बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे ग्रामीणों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।गाँव के हालात ऐसे हो चुके हैं कि लोग अपने घरों से बाहर निकलने में डर महसूस कर रहे हैं। बंदरों के झुंड दिनभर गलियों, सड़कों और मकानों की छतों पर खुलेआम घूमते नजर आ रहे हैं। कई बार ये बंदर अचानक लोगों पर झपट्टा मार देते हैं, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है।

ग्रामीणों का कहना है कि बंदर घरों के अंदर घुसकर घरेलू सामान को नुकसान पहुँचा रहे हैं। छतों पर रखे पानी के टैंक, कपड़े, बर्तन और अन्य सामान तोड़फोड़ का शिकार हो रहे हैं। इसके अलावा खेतों और आसपास के इलाकों में भी बंदर फसलों को नुकसान पहुँचा रहे हैं, जिससे किसानों की परेशानी और बढ़ गई है।

सबसे अधिक परेशानी छोटे बच्चों और बुजुर्गों को हो रही है। बंदरों के डर से बच्चे घरों से बाहर निकलने में घबराने लगे हैं। कई अभिभावकों का कहना है कि बच्चों का स्कूल जाना और बाहर खेलना तक बंद हो गया है, जिससे उनका मानसिक और शारीरिक विकास भी प्रभावित हो रहा है। बुजुर्गों के लिए भी घर से बाहर निकलना जोखिम भरा साबित हो रहा है।ग्रामीणों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर प्रशासन और संबंधित विभागों से कई बार शिकायत की जा चुकी है। लिखित और मौखिक रूप से जानकारी देने के बावजूद अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। न तो बंदरों को पकड़ने की व्यवस्था की गई और न ही किसी तरह की रोकथाम के ठोस उपाय किए गए हैं।

गाँव के लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द बंदरों को पकड़वाकर सुरक्षित स्थानों पर छोड़ा जाए, ताकि गाँव के लोगों को इस आतंक से राहत मिल सके।अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि प्रशासन कब तक इस गंभीर समस्या पर ध्यान देता है और गाँव सिखेड़ा के लोगों को बंदरों के आतंक से कब राहत मिलती है। ग्रामीणों की नजरें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।




