दिनांक:30/05/2026
रिपोर्ट by: संवाददाता इस्तेकार चौधरी
विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर SIMS हापुड़ का जागरूकता अभियान: नुक्कड़ नाटक, स्वास्थ्य वार्ता और जनसंदेश के माध्यम से तंबाकू मुक्त समाज का दिया संदेश।
हापुड़। विश्व तंबाकू निषेध दिवस 2026 के अवसर पर सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ (SIMS) हापुड़ द्वारा तंबाकू और निकोटीन की लत के खिलाफ व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया गया। सामुदायिक चिकित्सा विभाग के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को तंबाकू सेवन से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों के प्रति जागरूक करना और उन्हें स्वस्थ एवं नशामुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा।इस वर्ष विश्व तंबाकू निषेध दिवस की थीम “तंबाकू और निकोटीन की लत के आकर्षण का पर्दाफाश” पर आधारित रही, जिसके अनुरूप संस्थान में विभिन्न जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्रों, चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों, मरीजों और आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान एमबीबीएस 2023 बैच के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा। छात्रों ने अपने प्रभावशाली अभिनय के माध्यम से यह संदेश दिया कि तंबाकू और निकोटीन की लत केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करती है। नाटक में दिखाया गया कि किस प्रकार आकर्षक पैकेजिंग, विज्ञापन और सामाजिक प्रभावों के कारण युवा वर्ग तंबाकू उत्पादों की ओर आकर्षित होता है और धीरे-धीरे गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का शिकार बन जाता है।नाटक के माध्यम से मुख कैंसर, फेफड़ों के कैंसर, हृदय रोग, श्वसन संबंधी बीमारियों और अन्य तंबाकू जनित रोगों के खतरों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। विद्यार्थियों ने यह भी संदेश दिया कि तंबाकू की लत से छुटकारा संभव है, बशर्ते व्यक्ति दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ सही मार्गदर्शन और चिकित्सकीय सहायता प्राप्त करे।

जनजागरूकता अभियान के अंतर्गत पोस्टर प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने तंबाकू सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों को चित्रों और तथ्यों के माध्यम से प्रदर्शित किया। प्रदर्शनी में विशेष रूप से परोक्ष धूम्रपान (पैसिव स्मोकिंग) के खतरों को भी उजागर किया गया, जिससे यह स्पष्ट किया गया कि धूम्रपान करने वाले व्यक्ति के साथ रहने वाले लोग भी गंभीर बीमारियों के जोखिम में रहते हैं।कार्यक्रम के दौरान आयोजित स्वास्थ्य वार्ता में विशेषज्ञों ने तंबाकू एवं निकोटीन के बढ़ते प्रभाव, युवाओं में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति और नए निकोटीन उत्पादों से उत्पन्न चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की। वक्ताओं ने बताया कि तंबाकू सेवन आज भी कैंसर, हृदय रोग और फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों का प्रमुख कारण बना हुआ है। उन्होंने लोगों से तंबाकू से दूरी बनाने और अपने परिवार तथा समाज को भी इसके प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि तंबाकू छोड़ने के लिए परामर्श सेवाएं, व्यवहार परिवर्तन कार्यक्रम, चिकित्सकीय उपचार और पारिवारिक सहयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। लोगों को उपलब्ध नशामुक्ति सेवाओं और स्वास्थ्य सहायता कार्यक्रमों की जानकारी भी दी गई।

कार्यक्रम में चिकित्सकों, फैकल्टी सदस्यों, रेजिडेंट डॉक्टरों, इंटर्न्स और विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। सभी ने मिलकर यह संकल्प लिया कि समाज में तंबाकू के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाने और आने वाली पीढ़ियों को निकोटीन एवं तंबाकू की लत से बचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।आयोजकों ने कहा कि तंबाकू नियंत्रण केवल स्वास्थ्य का विषय नहीं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है। यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति इस दिशा में जागरूकता फैलाने का कार्य करे तो आने वाले समय में तंबाकू जनित रोगों में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।कार्यक्रम का समापन तंबाकू मुक्त समाज के निर्माण के संकल्प के साथ हुआ। उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, तंबाकू का सेवन न करने तथा दूसरों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया। यह आयोजन सामुदायिक स्वास्थ्य, निवारक चिकित्सा और जनस्वास्थ्य जागरूकता के क्षेत्र में संस्थान की प्रतिबद्धता का प्रभावशाली उदाहरण बनकर सामने आया।
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स्टार भारत न्यूज़ 24 की रिपोर्ट।



