दिनांक:25/07/2026
रिपोर्ट by: संवादाता शराफत सैफी
हापुड़ में कांग्रेस का मशाल मार्च: छात्र आंदोलन के समर्थन में सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता, लोकतांत्रिक अधिकारों और शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में शनिवार को हापुड़ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला अध्यक्ष राकेश त्यागी के नेतृत्व में मशाल जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। अंबेडकर चौराहे से शुरू हुआ यह जुलूस शहर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ नगर पालिका परिसर स्थित धरना स्थल तक पहुंचा, जहां आयोजित सभा में छात्र हित, शिक्षा व्यवस्था और लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर विस्तार से विचार रखे गए। पूरे कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने छात्र एकता और लोकतांत्रिक मूल्यों के समर्थन में नारे लगाए। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन की ओर से जुलूस मार्ग पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया और कार्यक्रम शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।धरना सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस जिला अध्यक्ष राकेश त्यागी ने कहा कि देश का युवा वर्ग अपने भविष्य, शिक्षा और अवसरों को लेकर चिंतित है। ऐसे समय में छात्रों की बात को गंभीरता से सुनना लोकतांत्रिक व्यवस्था की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत संवाद है और किसी भी मुद्दे का समाधान बातचीत तथा संवैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से ही निकलना चाहिए।

राकेश त्यागी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का स्वागत करते हुए इसे छात्र आंदोलन के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल किसी एक व्यक्ति का इस्तीफा नहीं, बल्कि उन छात्रों की आवाज का सम्मान है जिन्होंने लंबे समय तक लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को उठाया। उनके अनुसार युवाओं की समस्याओं का समाधान संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ किया जाना चाहिए।उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि कांग्रेस पार्टी लगातार युवाओं, छात्रों और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाती रही है। उनका कहना था कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं बल्कि देश के भविष्य की नींव है। यदि छात्र अपनी समस्याओं को लेकर आवाज उठा रहे हैं तो उनकी बात को सुनना और समाधान की दिशा में सकारात्मक कदम उठाना आवश्यक है।

सभा के दौरान राकेश त्यागी ने यह भी कहा कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी छात्र आंदोलन के मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर लगातार उठाया और छात्रों की मांगों के समर्थन में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की जिम्मेदारी जनता की आवाज को सरकार तक पहुंचाना है और कांग्रेस इसी दायित्व का निर्वहन कर रही है।जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान छात्रों के साथ हुई कथित पुलिस कार्रवाई पर भी उन्होंने चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी स्तर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ अनुचित व्यवहार हुआ है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कानून का सम्मान सभी को करना चाहिए, लेकिन नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा भी उतनी ही आवश्यक है।राकेश त्यागी ने कहा कि युवाओं के सामने आज शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, रोजगार और भविष्य को लेकर कई चुनौतियां हैं। ऐसे में सरकार, प्रशासन और सभी राजनीतिक दलों को मिलकर ऐसा वातावरण तैयार करना चाहिए जिसमें छात्रों का विश्वास मजबूत हो और उन्हें निष्पक्ष तथा पारदर्शी व्यवस्था मिल सके। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति व्यक्त करना कोई अपराध नहीं बल्कि संवैधानिक अधिकार है।

सभा में मौजूद अन्य कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी छात्र हितों, शिक्षा व्यवस्था में सुधार तथा युवाओं के भविष्य को सुरक्षित बनाने की आवश्यकता पर अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा तभी संभव है जब जनता की आवाज को सम्मानपूर्वक सुना जाए और जनहित से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक संवाद स्थापित किया जाए।कार्यक्रम के अंत में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने छात्र हितों की रक्षा, संविधान के मूल्यों के सम्मान तथा लोकतांत्रिक अधिकारों को मजबूत बनाए रखने का संकल्प लिया। इसके बाद मशाल जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और कार्यकर्ता निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अपने-अपने गंतव्य के लिए रवाना हो गए।इस दौरान कांग्रेस के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक भी मौजूद रहे। पूरे आयोजन में अनुशासन बनाए रखा गया और पुलिस प्रशासन की निगरानी में कार्यक्रम बिना किसी अप्रिय घटना के संपन्न हुआ।





