सैना की PDA पंचायत में गरजी मातृशक्ति की आवाज, एडवोकेट सुधीर चौहान ने 2027 में समाजवादी सरकार का संकल्प दोहराया।

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दिनांक:19/08/2026

रिपोर्ट by: संवादाता शराफत सैफी

सैना की PDA पंचायत में गरजी मातृशक्ति की आवाज, एडवोकेट सुधीर चौहान ने 2027 में समाजवादी सरकार का संकल्प दोहराया।

गढ़मुक्तेश्वर। विधानसभा-60 गढ़मुक्तेश्वर के ग्राम सैना में 19 अगस्त 2026 को आयोजित PDA पंचायत में महिलाओं और युवाओं की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। पंचायत में क्षेत्रीय समस्याओं और जनहित के मुद्दों पर खुलकर चर्चा हुई। कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं विधानसभा-60 गढ़मुक्तेश्वर के एडवोकेट सुधीर चौहान ने जनता से संवाद करते हुए 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर संगठन को मजबूत करने और जनसमस्याओं को प्रमुखता से उठाने का आह्वान किया।PDA पंचायत में मौजूद मातृशक्ति ने महंगाई को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। महिलाओं ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई का सबसे अधिक असर घर की रसोई और परिवार के बजट पर पड़ रहा है। रसोई गैस की कीमतों से लेकर रोजमर्रा की जरूरतों तक बढ़ते खर्च ने आम परिवारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बिजली के बढ़ते बिल और अन्य घरेलू खर्चों को लेकर भी महिलाओं ने अपनी चिंताएं सामने रखीं।पंचायत में महिलाओं ने स्थानीय परिवहन व्यवस्था की कमी को भी गंभीर समस्या बताया। उनका कहना था कि गांवों से स्कूल, कॉलेज और अन्य जरूरी स्थानों तक आने-जाने के लिए पर्याप्त सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध नहीं है। इसका असर खासतौर पर छात्राओं और महिलाओं पर पड़ता है। बेहतर बस सेवा उपलब्ध होने से ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों को शिक्षा के लिए आने-जाने में काफी सुविधा मिल सकती है।

एडवोकेट सुधीर चौहान ने पंचायत के दौरान जनता की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ सुना और कहा कि किसी भी क्षेत्र के विकास का वास्तविक पैमाना वहां के आम नागरिक को मिलने वाली सुविधाएं हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की शिक्षा, सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता के बिना समाज का संपूर्ण विकास संभव नहीं है।पंचायत में युवाओं ने रोजगार और शिक्षा के मुद्दे भी प्रमुखता से उठाए। युवाओं की मांग रही कि क्षेत्र में ही रोजगार के अवसर विकसित किए जाएं, ताकि उन्हें नौकरी और बेहतर भविष्य की तलाश में दूसरे शहरों की ओर पलायन न करना पड़े। उच्च शिक्षा की सुविधाओं को बेहतर बनाने और स्थानीय शिक्षण संस्थानों को मजबूत करने की जरूरत पर भी चर्चा हुई।इसी क्रम में इंटर कॉलेज को डिग्री कॉलेज में उन्नत करने तथा KG से PG तक निःशुल्क शिक्षा की व्यवस्था को लेकर समाजवादी पार्टी की ओर से प्रस्तावित विजन को सामने रखा गया। किसानों की समस्याओं और उनकी फसलों का उचित मूल्य दिलाने का मुद्दा भी पंचायत में चर्चा का हिस्सा रहा।एडवोकेट सुधीर चौहान, राष्ट्रीय प्रवक्ता समाजवादी पार्टी, ने कहा कि PDA पंचायत का मकसद सिर्फ राजनीतिक संवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि गांव और क्षेत्र के लोगों की वास्तविक समस्याओं को समझना और उन्हें राजनीतिक मंच पर मजबूती से उठाना है। उन्होंने कहा कि महिलाओं और युवाओं की भागीदारी यह बताती है कि अब जनता अपने अधिकारों और बुनियादी सुविधाओं को लेकर पहले से ज्यादा जागरूक है।

उन्होंने समाजवादी सरकार बनने पर जनहित से जुड़े कई कार्यों को प्राथमिकता देने का संकल्प दोहराया। इनमें 300 यूनिट मुफ्त बिजली, महिलाओं को 40 हजार रुपये की आर्थिक सहायता, महिला हेल्पलाइन को प्रभावी बनाना, स्थानीय परिवहन के लिए बस सेवा, ट्रॉमा सेंटर की स्थापना, इंटर कॉलेज को डिग्री कॉलेज में उन्नत करना तथा KG से PG तक निःशुल्क शिक्षा जैसी घोषणाएं शामिल हैं।पंचायत में महिलाओं ने यह संदेश भी दिया कि केवल सीमित राशन या चुनावी समय में मिलने वाली आर्थिक सहायता से उनकी सभी समस्याओं का समाधान नहीं हो सकता। उन्हें बेहतर शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य सुविधाएं, सुरक्षित आवागमन, महंगाई से राहत और सम्मानजनक जीवन की जरूरत है।एडवोकेट सुधीर चौहान ने कहा कि समाजवादी पार्टी की राजनीति में PDA यानी पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समाज के साथ-साथ समाज के हर वर्ग की भागीदारी और सम्मान को महत्व दिया जाता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव जाकर जनता से संवाद करने और स्थानीय समस्याओं को समझने का आह्वान किया।सैना गांव में आयोजित इस पंचायत में महिलाओं और युवाओं की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को खास बना दिया। पंचायत के दौरान 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने संगठन को मजबूत करने तथा अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी सरकार बनाने का संकल्प दोहराया।गढ़मुक्तेश्वर विधानसभा-60 में एडवोकेट सुधीर चौहान की सक्रियता और लगातार चल रहे जनसंवाद के बीच सैना की PDA पंचायत को आगामी राजनीतिक गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पंचायत में उठे महंगाई, शिक्षा, रोजगार, परिवहन, बिजली, स्वास्थ्य और किसान हित से जुड़े मुद्दों ने यह स्पष्ट किया कि आने वाले समय में स्थानीय जनसमस्याएं राजनीतिक चर्चा के केंद्र में रहने वाली हैं।

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