ADM का आदेश छिपाकर बेशकीमती जमीन का फर्जी बैनामा कराने का आरोप, एहसान और मुन्ने पर मुकदमा दर्ज।

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दिनांक:29/08/2026

रिपोर्ट by: संवादाता सूरज गुप्ता

ADM का आदेश छिपाकर बेशकीमती जमीन का फर्जी बैनामा कराने का आरोप, एहसान और मुन्ने पर मुकदमा दर्ज।

कछौना/हरदोई। तहसील संडीला क्षेत्र में लखनऊ-हरदोई मुख्य मार्ग से जुड़ी बेशकीमती जमीन के बैनामे को लेकर कथित धोखाधड़ी और दस्तावेजी जानकारी छिपाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के भूमि संबंधी आदेश की जानकारी होने के बावजूद उसे छिपाकर एक भूखंड को मुख्य मार्ग पर स्थित बताते हुए उसका बैनामा करा दिया गया। शिकायत के बाद पुलिस अधीक्षक हरदोई के निर्देश पर मामले की जांच एंटी फ्रॉड सेल से कराई गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर थाना कछौना पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।जानकारी के अनुसार, मोहल्ला अशराफ टोला, संडीला निवासी महेंद्र कुमार सोनी पुत्र दिनेश कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि उन्होंने अपने साथियों के साथ एहसान और मुन्ने पुत्रगण बदुल्ला से भूमिखंड संख्या 537 मि., रकबा 0.5000 हेक्टेयर भूमि का क्रय किया था। शिकायत के मुताबिक, इस भूमि का क्रय पत्र 28 अगस्त 2025 को निष्पादित कराया गया था। आरोप है कि सौदे के दौरान संबंधित भूमि को लखनऊ-हरदोई मुख्य मार्ग पर स्थित बताया गया, जिसके आधार पर शिकायतकर्ता ने जमीन का बैनामा कराया।

शिकायतकर्ता का दावा है कि जमीन से संबंधित रिकॉर्ड में पहले ही महत्वपूर्ण बदलाव किया जा चुका था। आरोप के मुताबिक, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) द्वारा 4 अक्टूबर 2024 को पारित आदेश में संबंधित भूमि का नंबर बदलकर 534 कर दिया गया था तथा भूमि को मुख्य मार्ग से अलग दर्शाया गया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस आदेश और भूमि की वास्तविक स्थिति की जानकारी होने के बावजूद उसे उनके सामने स्पष्ट नहीं किया गया और जमीन को मुख्य मार्ग से जुड़ी हुई बताकर बैनामा कराया गया।मामला सामने आने के बाद शिकायतकर्ता ने पुलिस अधीक्षक हरदोई के समक्ष प्रार्थना पत्र देकर पूरे प्रकरण की जांच और कार्रवाई की मांग की। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए प्रकरण की जांच एंटी फ्रॉड सेल से कराई गई। जांच के दौरान उपलब्ध दस्तावेजों और शिकायत में लगाए गए आरोपों की पड़ताल की गई। जांच आख्या के आधार पर थाना कछौना पुलिस ने एफआईआर संख्या 0277/2026 दर्ज की है।

पुलिस ने इस मामले में एहसान और मुन्ने के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, प्रकरण से जुड़े तथ्यों, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जांच के दौरान जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल मामला जमीन के बैनामे में कथित तौर पर महत्वपूर्ण राजस्व आदेश छिपाने और भूमि की स्थिति को अलग तरीके से प्रस्तुत किए जाने के आरोपों से जुड़ा है। अब पुलिस जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि संबंधित भूमि के दस्तावेजों में क्या स्थिति दर्ज थी, बैनामे के समय किन तथ्यों की जानकारी पक्षकारों को थी और कथित तौर पर आदेश को छिपाने की जिम्मेदारी किसकी थी। जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति और आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।

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