दिनांक:10/09/2026
रिपोर्ट by: संवादाता इस्तेकार चौधरी
सिखेड़ा में बंदरों का बढ़ता आतंक, 10-15 बंदरों के झुंड ने बकरी पर किया हमला; मौत के बाद ग्रामीणों में दहशत।
पिलखुवा। जनपद हापुड़ के पिलखुवा कोतवाली क्षेत्र के गांव सिखेड़ा में बंदरों के बढ़ते आतंक ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। गांव में बंदरों के एक झुंड द्वारा बकरी पर हमला किए जाने की घटना सामने आई है, जिसमें बकरी की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों में भय और नाराजगी का माहौल बताया जा रहा है।जानकारी के अनुसार, गांव सिखेड़ा में करीब 10 से 15 बंदरों के झुंड ने एक बकरी को घेर लिया और उस पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से बकरी गंभीर रूप से घायल हो गई। ग्रामीणों के मुताबिक, जब तक उसे बचाने का प्रयास किया जाता, तब तक उसकी हालत बिगड़ चुकी थी और उसकी मौत हो गई।ग्रामीणों का कहना है कि गांव और आसपास के इलाकों में बंदरों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बंदरों के झुंड अक्सर घरों की छतों, गलियों और आबादी वाले क्षेत्रों में दिखाई देते हैं। इससे खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पशुपालकों में डर बना हुआ है।

ग्रामीणों के मुताबिक, बंदरों के आतंक की समस्या को लेकर संबंधित अधिकारियों से पहले भी शिकायत की जा चुकी है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से बंदरों को पकड़ने के लिए अभियान चलाने तथा आबादी वाले क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते बंदरों के आतंक पर नियंत्रण नहीं किया गया तो भविष्य में किसी व्यक्ति या पालतू पशु के साथ गंभीर घटना हो सकती है। बकरी की मौत की घटना के बाद गांव में बंदरों की समस्या एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है।अब देखना यह होगा कि ग्रामीणों की शिकायत पर संबंधित विभाग और प्रशासन कब तक संज्ञान लेते हैं और सिखेड़ा गांव में बढ़ते बंदरों के आतंक से लोगों को राहत दिलाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।




