रिपोर्ट / नाज आलम
मेरठ में दलित पंचायत में सपा के पूर्व मंत्री मुकेश सिद्धार्थ ने योगी के मंत्री को जिंदा जलाने की धमकी दे दी। मामले में केस दर्ज हो गया। उधर, मुकेश के बयान पर सपा ने भी किनारा कर लिया है।
उत्तर प्रदेश मेरठ – मेरठ नगर निगम बोर्ड बैठक में हंगामा, बवाल और पार्षदों की पिटाई मामले में शनिवार को कलक्ट्रेट में दलित समाज की ओर से आयोजित पंचायत में पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री मुकेश सिद्धार्थ ने ऊर्जा राज्यमंत्री डॉ सोमेंद्र तोमर को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी। उन्होंने कहा कि अगर राज्य मंत्री सोमेंद्र तोमर की गिरफ्तारी नहीं हुई तो उन्हे जिंदा जलाया जाएगा। मुकेश सिद्धार्थ ने पुलिस-प्रशासन को कोसा। उसके बाद डा.सोमेन्द्र तोमर को लेकर बिगड़े बोल बोले। पुलिस ने इस मामले में सिविल लाइन थाने में अपनी ओर से मुकदमा दर्ज कराया है। कुल 9 धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। उधर, सपा के जिला महासचिव मनोज चपराणा ने पार्टी अध्यक्ष को पत्र लिखकर मुकेश सिद्धार्थ पर कार्रवाई की मांग की है।
दलित समाज के धरना-प्रदर्शन में सपा विधायक अतुल प्रधान, पूर्व विधायक योगेश वर्मा, पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री मुकेश सिद्धार्थ, विनोद हरित आदि शामिल हुए। सपा नेताओं ने मंत्री सोमेंद्र तोमर और एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। चेतावनी दी कि पार्षद प्रकरण में 10 जनवरी तक कार्रवाई नहीं हुई तो बड़े आंदोलन का ऐलान किया जाएगा।
कमिश्नरी से कलक्ट्रेट तक प्रदर्शन
गत दिनों घोपला में पूर्व विधायक योगेश वर्मा की बुलाई गई पंचायत में छह जनवरी की पंचायत और धरना-प्रदर्शन का ऐलान किया गया था। शनिवार को नगर निगम बवाल का विरोध करते हुए कमिश्नरी से कलक्ट्रेट तक दलितों ने धरना प्रदर्शन किया। पूर्व विधायक योगेश वर्मा ने कहा कि पार्षदों को दौड़ा दौड़ाकर पीटा गया। भाजपा के मंत्री और एमएलसी ने विपक्ष के पार्षदों का अपमान किया। दबाव में लेकर पार्षद आशीष की तहरीर बदली गई। अज्ञात में मुकदमा किया गया। 10 जनवरी तक मुकदमा न हुआ तो बड़ा आंदोलन करेंगे। विधायक अतुल प्रधान ने कहा कि दलितों पर अत्याचार बर्दाश्त नहीं होगा। भाजपा नेताओं को जवाब देंगे, आंदोलन और बड़ा होगा। पूर्व विधायक विनोद हरित ने कहा कि 10 जनवरी तक सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो देशव्यापी आंदोलन होगा, समाज के लोग बड़ा फैसला लेंगे। लोकदल के राष्ट्रीय महासचिव बिजेंद्र चौधरी ने कहा कि भाजपा दोषियों पर सख्त कार्रवाई करे।
सपा जिलाध्यक्ष ने मुकेश सिद्धार्थ के बयान से किया किनारा
सपा जिलाध्यक्ष विपिन चौधरी ने कहा कि मुकेश सिद्धार्थ के बयान से पार्टी का कोई मतलब नहीं है। सपा समाजवादी विचारों, लोहिया, मुलायम सिंह जैसे नेताओं की पार्टी है। सपा का हिंसा से कोई लेना-देना नहीं है। मुकेश सिद्धार्थ का बयान उनका निजी बयान है। उधर, सपा के पूर्व मंत्री मुकेश सिद्धार्थ की गिरफ्तारी की मांग शुरू हो गई है।

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एआईएमआईएम ने की बयान की निंदा
एआईएमआईएम ने मुकेश सिद्धार्थ के बयान की निंदा की है। महानगर अध्यक्ष इमरान अंसारी ने कहा कि शहर हमें जान से ज्यादा प्यारा है। किसी भी हिंसात्मक बयान का समर्थन नहीं कर सकते। एआईएमआईएम, सपा नेता मुकेश सिद्धार्थ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करती है। भाजपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष और दलित समाज के नेता डा.चरण सिंह लिसाड़ी ने कहा कि नगर निगम बोर्ड बैठक में हुई घटना दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन सपा नेता का बयान डा. अंबेडकर के विचारों के खिलाफ है। दलित समाज बाबा साहब के विचारों और उनके बनाए कानून को मानने वाला है।
देर रात मारपीट मामले में हुआ समझौता
दिनभर चले हंगामे, बवाल के बाद देर रात निगम बोर्ड बैठक में हुई मारपीट मामले में समझौता हो गया। सर्किट हाउस में राज्यसभा सांसद डॉ लक्ष्मीकांत वाजपेयी की मध्यस्थता में हुई बैठक में विधायक, मंत्री, मेयर और पार्षदों के बीच आपसी बातचीत के बाद विवाद को समाप्त करने पर सहमति बन गई। बैठक में तय हुआ कि सबका मान सम्मान रखा जाएगा। 30 दिसंबर को हुई घटना में दोनों पक्षों की ओर से दी गई तहरीर को वापस लिया जाएगा।




