उत्तर प्रदेश मेरठ : मेरठ हापुड़ लोकसभा क्षेत्र, रामायण के राम का चेहरा भी वोटर्स को मतदान केंद्रों पर नहीं खींच सका, मेरठ में 15 साल में सबसे कम मतदान।

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रिपोर्ट / नाज आलम ( सोर्स एक्स प्लेटफ़ॉर्म ) 

 

रामायण के राम अरुण गोविल के उतरने के बाद भी वोटिंग को लेकर वह उत्साह नहीं दिखा जो पिछले तीन चुनावों में दिखा था। 15 साल में मेरठ में सबसे कम मतदान हुआ है। इससे मुकाबला कड़ा हो गया है।

 

 

मेरठ हापुड़ लोकसभा:मेरठ में लगातार तीन बार से सांसद बन रहे राजेंद्र अग्रवाल का टिकट काटकर रामायण के राम अरुण गोविल को उतारकर भाजपा ने इस सीट को भी हॉट सीट बना दिया था। अरुण गोविल ने भीषण गर्मी में जमकर प्रचार किया। योगी-मोदी भी पहुंचे। राम के समर्थन में रामायण के लक्षमण औऱ सीता भी मेरठ पहुंचे और रोड शो किया। इसके बाद भी मत प्रतिशत बढ़ाने में कोई सफलता नहीं मिल सकी। शुक्रवार को हुए मतदान में केवल 58.70 फीसदी मतदाता ही बूथों तक पहुंचे। 2019 की तुलना में मेरठ के मतदान में 5.56 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई है। मतदान में 5.56 फीसदी की इस कमी से बीते चुनाव के सापेक्ष लगभग एक लाख 11 हजार से अधिक मतदाताओं ने अपने वोट नहीं डाले। 

मतदान की इस गिरावट से मेरठ लोकसभा जैसी प्रतिष्ठित सीट पर पार्टियों की धड़कनें बढ़ गई हैं। भाजपा से अरुण गोविल मेरठ लोकसभा सीट पर बड़ा चेहरा हैं। वीवीआईपी सीट होने के बीच मतदान में इस कमी से कोई भी पार्टी स्पष्ट रूप से कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं है।

2014 से 2024 तक के तीन लोकसभा चुनावों के हिसाब से मेरठ में इस बार 15 साल में सबसे कम वोट डाले गए हैं। 2009 में मेरठ लोकसभा क्षेत्र में 48.22 फीसदी वोट डाले गए थे। ऐसे में 2024 में 2009 की तुलना में तो मतदान ज्यादा हुआ, लेकिन 2014 एवं 2019 के सापेक्ष इसमें बड़ी गिरावट हो गई। पिछले साल 64.26 और 2014 में 63.11 प्रतिशत मतदान हुआ था। मतदान का यह अंतर बड़े उलटफेर कर सकता है। यहां से सपा ने अंतिम समय में प्रत्याशी बदलकर दलित सुनीता वर्मा पर दांव लगाया है। सपा को पिछड़ा-दलित और मुस्लिम मतों के सहारे अपनी जीत का भरोसा है।

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मेरठ में 5.56 प्रतिशत कम और बुलंदशहर में 7.06 प्रतिशत कम रहा

दूसरे चरण में मेरठ समेत एनसीआर में आठ प्रतिशत से अधिक तक मतदान में कमी दर्ज हुई है। मेरठ मंडल में सबसे अधिक बागपत लोकसभा क्षेत्र में 2019 के मुकाबले 8.67 प्रतिशत मतदान कम हुआ है, जबकि मेरठ में 5.56 प्रतिशत कम मतदान हुआ।

एनसीआर में मेरठ मंडल के सभी छह जिलों के पांच लोकसभा क्षेत्र आता है। इन सभी पांच लोकसभा क्षेत्रों में 2019 के मतदान के मुकाबले इस बार मतदान प्रतिशत में कमी आई है। कोई ऐसा लोकसभा क्षेत्र नहीं है, जहां अधिक या बराबर मतदान हुआ हो। बागपत में 8.67 प्रतिशत, गौतमबुद्धनगर में 7.28 प्रतिशत, बुलंदशहर में 7.06 प्रतिशत, गाजियाबाद में 6.21 प्रतिशत और मेरठ में 5.56 प्रतिशत कम मतदान हुआ है।

मेरठ में विधानसभावार मतदान
किठौर        61.63
मेरठ कैंट    55.57
मेरठ शहर    61.0
मेरठ दक्षिण    57.3
हापुड़        59.43

मेरठ मं इस बार ऐसा हुआ मतदान
09 बजे        12.28%
11 बजे        25.67%
01 बजे        38.33%
03 बजे        47.52%
05 बजे        55.49%
06 बजे        58.70%

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