दिनांक:28/04/2026
रिपोर्ट by: संवादाता इस्तेकार चौधरी
हापुड़ के सरस्वती में 24 घंटे में हुआ जटिल पैरोटिड ट्यूमर ऑपरेशन, 15 साल से कैंसर से जूझ रहे बुजुर्ग को मिली नई जिंदगी।
हापुड़। स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक और उल्लेखनीय उदाहरण सामने आया है, जहां सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड हॉस्पिटल ने 70 वर्षीय मरीज हरपाल सिंह को नई जिंदगी देने का सराहनीय कार्य किया है। पिछले करीब 15 वर्षों से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे इस बुजुर्ग मरीज का जटिल पैरोटिड ग्रंथि (लार ग्रंथि) का ट्यूमर सफलतापूर्वक ऑपरेशन कर हटाया गया।मरीज हरपाल सिंह लंबे समय से इस बीमारी से पीड़ित थे और इलाज के लिए कई बड़े अस्पतालों के चक्कर लगा चुके थे। परिजनों के अनुसार, उन्हें कहीं लंबी प्रतीक्षा सूची में रखा गया तो कहीं गंभीरता के चलते दूसरे संस्थानों के लिए रेफर कर दिया गया। समय पर उपचार न मिलने से ट्यूमर लगातार बढ़ता गया, जिससे उनकी शारीरिक स्थिति कमजोर होती गई और मानसिक रूप से भी वे काफी परेशान रहने लगे।

ऐसे कठिन समय में जब मरीज सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड हॉस्पिटल, हापुड़ पहुंचे, तो यहां की विशेषज्ञ चिकित्सा टीम ने उनकी स्थिति को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच प्रक्रिया शुरू की। मल्टीडिसिप्लिनरी विशेषज्ञों की टीम ने मिलकर मरीज की विस्तृत जांच, परामर्श और सर्जिकल प्लानिंग की। मरीज की हालत को देखते हुए बिना समय गंवाए महज 24 घंटे के भीतर ऑपरेशन का निर्णय लिया गया।

यह जटिल सर्जरी अस्पताल के सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. अविनाश कुमार के नेतृत्व में सहायक प्रोफेसर डॉ. शुभम मित्तल, डॉ. श्रेया और डॉ. थजाना की अनुभवी टीम द्वारा की गई। ऑपरेशन के दौरान आधुनिक तकनीक और उन्नत चिकित्सा उपकरणों का इस्तेमाल किया गया, जिससे सर्जरी को सुरक्षित और सफल बनाया जा सका। यह ऑपरेशन न केवल तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण था, बल्कि मरीज की उम्र और लंबे समय से चली आ रही बीमारी को देखते हुए जोखिम भरा भी था, लेकिन डॉक्टरों की विशेषज्ञता और टीमवर्क ने इसे सफल बना दिया।सर्जरी के बाद मरीज की हालत स्थिर और संतोषजनक बताई जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार, मरीज तेजी से रिकवरी कर रहे हैं और आने वाले दिनों में उनके पूरी तरह स्वस्थ होने की उम्मीद है।मरीज और उनके परिजनों ने अस्पताल की सेवाओं की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि जहां अन्य अस्पतालों में उन्हें निराशा हाथ लगी, वहीं इस संस्थान ने उन्हें उम्मीद, भरोसा और सफल इलाज दिया। उन्होंने डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और पूरे अस्पताल प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त किया।

अस्पताल के वरिष्ठ प्रबंधन ने भी इस सफलता को बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि यह सर्जरी संस्थान की अत्याधुनिक सुविधाओं, अनुभवी डॉक्टरों और समर्पित टीमवर्क का परिणाम है। प्रबंधन का कहना है कि इस तरह की जटिल सर्जरी अब हापुड़ जैसे क्षेत्र में संभव होना स्थानीय और आसपास के जिलों के मरीजों के लिए बड़ी राहत की बात है।संस्थान के नेतृत्व ने सर्जिकल टीम को बधाई देते हुए कहा कि उनका उद्देश्य हमेशा से ही आम जनता को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में भी इसी तरह जटिल से जटिल बीमारियों का इलाज यहां सफलतापूर्वक किया जाता रहेगा।यह सफलता न केवल एक मरीज के जीवन में नई उम्मीद लेकर आई है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि समर्पण, त्वरित निर्णय और आधुनिक तकनीक के साथ किसी भी चुनौतीपूर्ण चिकित्सा स्थिति का समाधान संभव है। सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड हॉस्पिटल लगातार क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में अग्रसर है।




