हरदोई के टोंडरपुर में शिक्षा व्यवस्था बेहाल, कई विद्यालयों में ताले तो कहीं शिक्षक रहे नदारद।

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दिनांक:20/12/2025

रिपोर्ट by: संवादाता क्राइम ब्यूरो चीफ़ पुनीत कुमार शुक्ला 

हरदोई के टोंडरपुर में शिक्षा व्यवस्था बेहाल, कई विद्यालयों में ताले तो कहीं शिक्षक रहे नदारद।

हरदोई/टोंडरपुर।विकास खंड टोंडरपुर क्षेत्र में सरकारी विद्यालयों की स्थिति लगातार चिंताजनक होती जा रही है। जिलाधिकारी के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद कई विद्यालयों में न तो समय से पढ़ाई हो रही है और न ही शिक्षक अपनी जिम्मेदारी निभाते नजर आ रहे हैं। कहीं विद्यालय बंद मिले तो कहीं प्रधानाध्यापक और शिक्षक ड्यूटी से फरार पाए गए।ग्रामीणों और अभिभावकों का आरोप है कि कुछ विद्यालयों के प्रधानाध्यापक और शिक्षक उच्च अधिकारियों के संरक्षण में मनमानी कर रहे हैं। निरीक्षण के नाम पर औपचारिकता निभाई जा रही है, जिससे लापरवाह शिक्षकों के हौसले बुलंद हैं।

ऐसा ही मामला परसई जूनियर हाईस्कूल का सामने आया है, जहां 20 दिसंबर 2025 को दोपहर 12:05 बजे विद्यालय में ताला लटका मिला। वहीं अंतोरा प्राथमिक विद्यालय में 11:48 बजे विद्यालय का मुख्य गेट खुला छोड़कर प्रधानाध्यापक सहित शिक्षक मौके से गायब पाए गए। देवरास प्राथमिक विद्यालय की स्थिति भी इससे अलग नहीं रही, जहां 12:24 बजे तक प्रधानाध्यापक और शिक्षक नदारद मिले। विद्यालय में अध्ययनरत बच्चों ने बताया कि यहां तीन शिक्षक तैनात हैं, लेकिन उस दिन कोई भी शिक्षक विद्यालय नहीं आया और गेट रसोईया द्वारा खोला गया।

जबकि जिलाधिकारी द्वारा पहले ही एक से बारहवीं तक के विद्यालयों में बच्चों के अवकाश एवं शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर स्पष्ट निर्देश जारी किए गए थे, इसके बावजूद शिक्षकों में आदेशों का कोई भय नजर नहीं आया। परसई जूनियर हाईस्कूल के छात्रों ने बताया कि विद्यालय में दो शिक्षक तैनात हैं, लेकिन उनमें से एक शिक्षक शैलेंद्र कभी-कभार ही आते हैं और प्रायः दोपहर से पहले विद्यालय नहीं पहुंचते। बच्चों का कहना है कि पढ़ाई के अभाव में उन्हें बिना शिक्षा ग्रहण किए ही घर लौटना पड़ता है।

ग्रामीणों का आरोप है कि कई विद्यालयों में प्रधानाध्यापक और शिक्षक उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर कर विद्यालय से चले जाते हैं। इससे सरकारी शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति उजागर हो रही है और बच्चों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी टोंडरपुर ने कहा कि उन्हें इस प्रकार की कोई जानकारी नहीं मिली है। यदि शिकायत से संबंधित फोटो या साक्ष्य उपलब्ध कराए जाएं तो जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।ग्रामीणों ने जिलाधिकारी एवं उच्च अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही खंड शिक्षा अधिकारी की भूमिका की भी जांच कराने की मांग उठ रही है, ताकि शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाया जा सके और बच्चों का भविष्य सुरक्षित किया जा सके।

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