दिनांक:25/02/2026
रिपोर्ट by: संवाददाता जगदीश माकन
नई दिल्ली: राष्ट्रीय सैनिक संस्था के 18वें अधिवेशन में ‘आंतरिक सुरक्षा’ पर दो बड़े संकल्प, पूर्व सैनिकों की भूमिका पर जोर।
नई दिल्ली स्थित गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति के सत्याग्रह मंडप में राष्ट्रीय सैनिक संस्था का 18वां राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित हुआ। अधिवेशन का केंद्रीय विषय “देश की आंतरिक सुरक्षा” रहा, जिसमें देशभर के करीब 20 राज्यों से आए लगभग 500 पूर्व सैनिकों और देशभक्त नागरिकों ने भाग लिया।

कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मिजोरम के राज्यपाल वी के सिंह तथा बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने ऑडियो-वीडियो संदेश भेजे। रक्षा मंत्री ने कहा कि पूर्व सैनिक सेवानिवृत्ति के बाद भी सेना के मूल्यों को समाज में जीवित रखते हैं और राष्ट्र निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने राष्ट्रीय एकीकरण और चरित्र निर्माण में अधिक योगदान देने का आह्वान किया।मुख्य अतिथि उत्तराखंड के राज्यपाल गुरमीत सिंह ने कहा कि आंतरिक सुरक्षा केवल सुरक्षा एजेंसियों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जागरूक नागरिकों और पूर्व सैनिकों की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है। उन्होंने आतंकवाद नियंत्रण के लिए समन्वित प्रयासों और स्थानीय स्तर पर सतर्कता की आवश्यकता पर बल दिया।

अधिवेशन में विभिन्न वक्ताओं ने पूर्व सैनिकों की अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और आपदा प्रबंधन क्षमता को देश की आंतरिक सुरक्षा से जोड़ते हुए सुझाव प्रस्तुत किए। संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीर चक्र प्राप्त कर्नल तेजेंद्र पाल त्यागी ने सुरक्षा एजेंसियों के बेहतर समन्वय और सख्त कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया।अधिवेशन में दो प्रमुख संकल्प लिए गए—1. समाज में सहनशीलता बनाए रखते हुए देश की सुरक्षा के प्रश्न पर शून्य सहनशीलता अपनाने का संकल्प।2. सोशल मीडिया पर युवाओं को गुमराह करने वाले कट्टरपंथी प्रयासों के विरुद्ध डी-रेडिकलाइजेशन अभियान चलाने का संकल्प।

कार्यक्रम के दौरान शहीद सैनिकों के परिजनों को सम्मानित किया गया तथा समाज और राष्ट्र सेवा में सक्रिय योगदान देने वाले सदस्यों को प्रतीक चिन्ह प्रदान किए गए।संस्था ने स्पष्ट किया कि वह एक पंजीकृत अराजनैतिक संगठन है, जिसका उद्देश्य शहीद परिवारों का सम्मान, सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध जागरूकता और विद्यालयों में प्रारंभिक सैनिक प्रशिक्षण को बढ़ावा देना है।



स्टार भारत न्यूज़ 24 की रिपोर्ट।




