दिनांक:03/04/2026
रिपोर्ट by: संवादाता गुलफाम सैफी
एक बार फिर सुर्खियों में दयाल गैस एजेंसी – बिना डिलीवरी दिखाया सिलेंडर, उपभोक्ताओं में रोष।
बुकिंग से पहले डिलीवरी दर्शाने का आरोप, ओटीपी नियमों की अनदेखी, पीड़ित ने जिला पूर्ति अधिकारी से की शिकायत।
जनपद हापुड़ के गढ़ चुंगी स्थित कवि नगर इलाके में संचालित दयाल गैस एजेंसी एक बार फिर विवादों में घिरती नजर आ रही है। उपभोक्ताओं ने एजेंसी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि गैस सिलेंडर की बुकिंग से पहले ही सिस्टम में डिलीवरी दिखा दी जा रही है, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।स्थानीय उपभोक्ताओं के अनुसार, 1 अप्रैल को गैस सिलेंडर की बुकिंग निर्धारित थी, लेकिन एजेंसी द्वारा 30 मार्च को ही डिलीवरी दर्शा दी गई। जबकि नियमानुसार गैस सिलेंडर की डिलीवरी के समय उपभोक्ता से ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) लिया जाता है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि सिलेंडर सही व्यक्ति तक पहुंचा है। इस मामले में उपभोक्ताओं का आरोप है कि बिना ओटीपी के ही डिलीवरी दर्ज कर दी गई, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है।

आरोप यह भी है कि एजेंसी प्रबंधन द्वारा मनमानी तरीके से काम किया जा रहा है और शिकायतों के बावजूद कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया जा रहा। इस पूरे मामले ने उपभोक्ताओं के बीच नाराजगी और अविश्वास का माहौल पैदा कर दिया है।इसी क्रम में कवि नगर निवासी देवेंद्र कुमार, जो खुद को क्राइम रिपोर्टर बताते हैं, ने भी इस अनियमितता का शिकार होने का दावा किया है। उन्होंने इस संबंध में जिला पूर्ति अधिकारी डॉ. सीमा सिंह से औपचारिक शिकायत दर्ज कराते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है।

देवेंद्र कुमार का कहना है कि यदि समय रहते इस प्रकार की अनियमितताओं पर रोक नहीं लगाई गई, तो आम जनता का सरकारी व्यवस्थाओं से विश्वास उठ सकता है। उन्होंने प्रदेश के संबंधित अधिकारियों से अपील करते हुए कहा कि दोषी गैस एजेंसी के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएं, जिसमें एजेंसी को सील करने जैसी कार्रवाई भी शामिल हो।वहीं, उपभोक्ताओं का यह भी कहना है कि सरकार द्वारा गैस वितरण प्रणाली को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए कई दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर उनका पालन नहीं हो रहा है। ऐसे में संबंधित विभागों की जिम्मेदारी बनती है कि वे इस मामले को गंभीरता से लें और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करें।

फिलहाल, पूरे मामले में संबंधित विभाग की ओर से जांच की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और उपभोक्ताओं को कब तक राहत मिलती है।



