सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में पहली बार सफल हुई अत्याधुनिक पेल्विक रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी।

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दिनांक:20/05/2026

रिपोर्ट by: संवादाता इस्तेकार चौधरी

सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में पहली बार सफल हुई अत्याधुनिक पेल्विक रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी।

हापुड़ स्थित सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज ने महिला स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि हासिल करते हुए पहली बार सैक्रोस्पाइनस लिगामेंट फिक्सेशन (SSLF) सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। यह जटिल एवं आधुनिक सर्जरी पोस्ट-हिस्टेरेक्टॉमी वैजाइनल वॉल्ट प्रोलैप्स से पीड़ित मरीज के उपचार हेतु की गई।प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. पूजा देवान एवं उनकी सर्जिकल टीम के नेतृत्व में यह सफल ऑपरेशन संपन्न हुआ। संस्थान के अनुसार, यह उपलब्धि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उन्नत पेल्विक रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी सेवाओं को नई दिशा देने वाली साबित होगी।46 वर्षीय महिला मरीज लंबे समय से वैजाइनल उभार, असुविधा और दैनिक कार्यों में परेशानी जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रही थीं। जांच में थर्ड-डिग्री वैजाइनल वॉल्ट प्रोलैप्स, सिस्टोसील और रेक्टोसील जैसी जटिल स्थितियां सामने आईं। विशेषज्ञों ने विस्तृत परीक्षण के बाद मरीज की सफल सर्जरी की।

ऑपरेशन के दौरान पेल्विक संरचना को पुनर्स्थापित करने के लिए सैक्रोस्पाइनस लिगामेंट फिक्सेशन तकनीक का उपयोग किया गया। साथ ही एंटीरियर कोल्पोरैफी एवं पोस्टीरियर कोल्पोपेरिनियोरैफी प्रक्रियाओं के माध्यम से पेल्विक फ्लोर की अन्य कमजोरियों को भी ठीक किया गया। पूरी सर्जरी बिना किसी जटिलता के सफलतापूर्वक पूरी हुई और मरीज को स्वस्थ अवस्था में डिस्चार्ज कर दिया गया।स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डॉ. परिधि गर्ग ने बताया कि यह तकनीक विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए बेहद प्रभावी मानी जाती है, जिनकी पूर्व में हिस्टेरेक्टॉमी हो चुकी हो। इस प्रक्रिया से बिना बड़े ऑपरेशन के पेल्विक सपोर्ट बहाल किया जा सकता है, जिससे मरीज को तेजी से रिकवरी और बेहतर परिणाम मिलते हैं।संस्थान के चेयरमैन एवं संस्थापक डॉ. जे. रामचंद्रन ने चिकित्सा टीम की सराहना करते हुए कहा कि आधुनिक सर्जिकल तकनीकों को अपनाकर संस्थान उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहा है। वहीं वाइस चेयरपर्सन रम्या रामचंद्रन ने भी इस उपलब्धि को महिला स्वास्थ्य सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया।

संस्थान प्रशासन ने कहा कि भविष्य में भी विभिन्न विशेषज्ञताओं में अत्याधुनिक चिकित्सा सेवाएं एवं उन्नत सर्जिकल प्रक्रियाएं मरीजों को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराई जाती रहेंगी, ताकि लोगों को बेहतर इलाज के लिए बड़े महानगरों का रुख न करना पड़े।

स्टार भारत न्यूज़ 24 की रिपोर्ट।

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