दिनांक:11/03/2026
रिपोर्ट by: क्राइम संवादाता कमलेश कुमार
वन विभाग से मिलीभगत का आरोप: हरे-भरे आम के पेड़ों पर चली आरी, हाईवे पर दौड़ती दिखीं लकड़ी से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां।
बीहट गांव में अवैध कटान का मामला, ग्रामीणों ने की जांच और कार्रवाई की मांग।
टोंडरपुर/जनपद हरदोई के विकासखंड टोंडरपुर क्षेत्र के बीहट गांव में हरे-भरे आम के पेड़ों की कटाई का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार ने वन विभाग और स्थानीय पुलिस की मिलीभगत से दर्जनों आम के पेड़ों पर खुलेआम आरी चलवा दी। इस अवैध कटान से क्षेत्र में पर्यावरण को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार बीहट गांव में विजयपाल के बाग में लगे हरे-भरे आम के पेड़ों को काटा जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना किसी वैध अनुमति के पेड़ों की कटाई की जा रही है और कटे हुए पेड़ों की लकड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरकर हरदोई–शाहाबाद हाईवे मार्ग से ले जाई जा रही है। कई ट्रैक्टर-ट्रॉलियां क्षमता से अधिक लकड़ी लादकर सड़क पर फर्राटे भरती देखी गईं।

बताया जा रहा है कि बेहटा गोकुल थाना क्षेत्र के नो-एंट्री प्वाइंट पर पुलिस की तैनाती होने के बावजूद ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों का कहना था कि ट्रैक्टर चालक परमिट होने की बात कह रहा था और उसकी प्रति स्थानीय थाना व वन विभाग के पास जमा होने की जानकारी दे रहा था।

इस मामले में जब शाहाबाद वन रेंज के रेंजर आलोक शर्मा से संपर्क किया गया तो उन्होंने पहले कहा कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है और जांच कर कार्रवाई की जाएगी। बाद में बातचीत में उन्होंने यह भी कहा कि लकड़ी के लिए परमिट होने की बात सामने आई है, हालांकि उन्होंने स्पष्ट जानकारी देने से इनकार किया और मौके पर जाकर स्थिति देखने की बात कही।

ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग की मिलीभगत के चलते ही क्षेत्र में अवैध कटान का यह काम खुलेआम जारी है। लोगों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस तरह की गतिविधियों पर रोक नहीं लगाई गई तो क्षेत्र के हरे-भरे पेड़ तेजी से समाप्त हो जाएंगे और पर्यावरण को भारी नुकसान होगा।





