दिनांक:18/03/2026
रिपोर्ट by: संवादाता शराफत सैफी
सऊदी अरब में नहीं दिखा ईद का चांद, अब 20 मार्च को मनाई जाएगी ईद-उल-फितर।
रमजान का महीना 30 दिन का होगा पूरा, दुनिया भर के मुस्लिम समुदाय की नजरें अब चांद के दीदार पर।
सऊदी अरब से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां आज ईद-उल-फितर का चांद नजर नहीं आया है। चांद न दिखने की आधिकारिक पुष्टि के बाद अब यह तय हो गया है कि सऊदी अरब में ईद-उल-फितर शुक्रवार, 20 मार्च 2026 को मनाई जाएगी।

बताया जा रहा है कि आज रमजान का 29वां रोजा था और इसी के चलते सऊदी अरब की सुप्रीम कोर्ट ने लोगों से चांद देखने की अपील की थी। देश के अलग-अलग हिस्सों में लोगों ने चांद देखने की कोशिश की, लेकिन कहीं से भी चांद नजर आने की पुष्टि नहीं हो सकी। इसके बाद संबंधित अधिकारियों द्वारा ऐलान किया गया कि रमजान का महीना अब 30 दिनों का पूरा होगा और ईद 20 मार्च को मनाई जाएगी।

इस ऐलान के साथ ही अब दुनिया भर के मुस्लिम समुदाय की नजरें अपने-अपने देशों में चांद के दीदार पर टिकी हुई हैं। भारत समेत कई देशों में आमतौर पर सऊदी अरब के एक दिन बाद ईद मनाई जाती है। ऐसे में अगर भारत में कल चांद दिखाई देता है, तो यहां ईद 21 मार्च को मनाई जा सकती है। हालांकि, अंतिम फैसला स्थानीय चांद दिखने पर ही निर्भर करेगा।रमजान का महीना इस्लाम में बेहद पवित्र माना जाता है, जिसमें मुसलमान रोजा रखकर अल्लाह की इबादत करते हैं। इस दौरान लोग नमाज, तरावीह, कुरआन की तिलावत और जरूरतमंदों की मदद जैसे नेक कामों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। ईद-उल-फितर इसी पवित्र महीने के समापन का त्योहार है, जिसे खुशी, भाईचारे और एकता के साथ मनाया जाता है।

ईद के मौके पर लोग नए कपड़े पहनते हैं, मस्जिदों में जाकर ईद की नमाज अदा करते हैं और एक-दूसरे को गले लगाकर मुबारकबाद देते हैं। इसके साथ ही गरीब और जरूरतमंद लोगों को फितरा और जकात देकर उनकी मदद की जाती है, ताकि वे भी इस खुशी में शामिल हो सकें।इस बीच, मुस्लिम समुदाय के लोग रमजान के आखिरी दिनों को बेहद अहम मानते हुए ज्यादा से ज्यादा इबादत में जुटे हुए हैं। खासकर आखिरी अशरे में शबे-कद्र की तलाश में लोग रात भर इबादत करते हैं, जिसे हजार महीनों से बेहतर माना गया है।

इस मौके पर दुआ की जा रही है कि अल्लाह तआला हम सभी को रमजान के बचे हुए पलों की कद्र करने की तौफीक अता फरमाए, हमारे रोजे (सियाम), नमाज (कियाम) और तमाम नेक आमाल को कबूल करे और हमें आने वाले कई रमजान अच्छे स्वास्थ्य और ईमान के साथ नसीब करे। आमीन।




